पुरस्कार वितरण के साथ 114वां पंतनगर किसान मेला संपन्न
संवाद न्यूज एजेंसी
पंतनगर। जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विवि परिसर में चल रहे चार-दिनी 114वें किसान मेले का सोमवार को समापन हो गया। मुख्य अतिथि कृषिमंत्री गणेश जोशी ने कहा कि मोटे अनाजों की खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) से किसानों को जोड़ने की जरूरत है।
सोमवार की शाम गांधी हाॅल में आयोजित समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में मंत्री जोशी ने केवीके को गढ़वाल क्षेत्र में भी कार्य करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि मोटे अनाज वर्ष 2023 को 72 देशों में श्रीअन्न के रूप में मनाया जा रहा है। इन्हें उगाने में पानी की जरूरत कम पड़ती है।कुलपति डाॅ. एमएस चौहान ने कहा कि मेले में 450 से अधिक स्टाॅल लगाए गए, जिनसे 36 लाख रुपये की आय हुई है। मेला प्रभारी डाॅ. जेपी जायसवाल ने बताया कि विवि के विभिन्न बीज केंद्रों से 1.48 करोड़ रुपये के बीजों की बिक्री की गई। उन्होंने दावा किया कि मेले में लगभग 25 हजार किसानों ने शिरकत की। वहां पर रुद्रपुर विधायक शिव अरोरा, लालकुआं विधायक मोहन सिंह बिष्ट, निदेशक शोध डाॅ. एएस नैन आदि थे।
सर्वोत्तम स्टाॅल के लिए न्यू हालैंड ट्रैक्टर पुरस्कृत
पंतनगर। मेले में लगी उद्यान प्रदर्शनी व संस्थानों के स्टाॅलों को उनके प्रदर्शन व बिक्री के आधार पर पुरस्कृत किया। जिसमें सर्वोत्तम स्टाॅल के लिए रूद्रपुर के न्यू हालैंड ट्रैक्टर और सर्वोत्तम प्रदर्शन के लिए गदरपुर के मनराज एग्रो इंडस्ट्रीज और प्रथम पुरस्कार के लिए रुद्रपुर के जय गुरुदेव इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधियों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया। संवाद
उद्यान प्रदर्शनी में सैनिक फार्म ने जीते 38 पुरस्कार
पंतनगर। मेले में लगी उद्यान प्रदर्शनी में सबसे अधिक 38 (20 प्रथम व 18 द्वितीय) पुरस्कार प्राप्त करने पर उत्तराखंड सैनिक पुनर्वास संस्था पत्थरचट्टा के प्रतिनिधि तथा शाक-भाजी, गमले में अलंकृत पौधे एवं परिरक्षित पदार्थ प्रदर्शनी में कुल 25 (9 प्रथम एवं 16 द्वितीय) पुरस्कार प्राप्त करने पर फार्म अधीक्षक उत्तराखंड सैनिक पुनर्वास संस्था, पत्थरचट्टा के प्रतिनिधि को शील्ड प्रदान की गई। विश्वविद्यालय और अन्य सरकारी संस्थानों के स्टाॅलों को भी उनके प्रदर्शन के आधार पर पुरस्कृत किया गया। साथ ही मेले में लगाये गए विभिन्न वर्गों के स्टाॅलों को भी उनके प्रदर्शन व बिक्री के आधार पर पुरस्कृत किया गया। संवाद