राज्य सरकार की तरफ से घोषित धान का समर्थन मूल्य नहीं मिलने पर किसान भड़क उठे। उन्होंने मंडी समिति पर खुलेआम लूट करने का आरोप लगाया। अल्टीमेटम दिया कि अगर किसानों को घोषित मूल्य का लाभ नहीं दिया गया तो किसान आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
बृहस्पतिवार को तमाम किसान भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह सहोता के नेतृत्व में उपजिलाधिकारी दफ्तर पहुंचे। वहां पर किसानों ने प्रदर्शन कर उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। जिसमें कहा कि किसानों की फसल धान का राज्य सरकार ने 1410-1450 रुपये समर्थन मूल्य घोषित कर रखा है। मगर मंडी समिति के आढ़ती, व्यापारियों के साथ मिलकर लूट का खुला खेल, खेल रहे हैं। नमी के नाम पर किसानों से धान 800 से 1100 रुपये में खरीदा जा रहा है। यही नहीं, किसानों को 6-आर भी नहीं दिया जा रहा है। जबकि उत्तराखंड हरियाणा-पंजाब पैटर्न लागू होने पर किसानों के साथ मंडी समिति में खुलेआम लूट हो रही है। किसानों ने कहा कि अगर लूट, खसोट और उनका शोषण बंद नहीं हुुआ तो आगामी 30 सितंबर को किसान मंडी समिति का घेराव करेंगे। इस मौके पर प्रेम सिंह सहोता, बलजिन्दर सिंह संधु, दर्शन सिंह दियोल, शीतल सिंह बड़वाल, टीका सिंह सैनी, धर्म सिंह, बलकार सिंह फौजी, जीत सिंह चीमा, कल्याण सिंह, जगीर सिंह, सोनू नामधारी, निशान सिंह, सुभाष चौधरी, भूपेंदर सिंह, गोपाल सिंह आदि मौजूद रहे।