पंतनगर विवि में 35वां दीक्षांत समारोह संपन्न हुआ है। विवि का पहला दीक्षांत समारोह 16 नवंबर 1963 को हुआ था, जिसमें तत्कालीन कुलपति डॉ. केएपी स्टीवेंसन के बुलावे पर मुख्य अतिथि भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने शिरकत की थी।
जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय का 35वां दीक्षांत समारोह संपन्न हुआ है। विवि की स्थापना के बाद विवि का पहला दीक्षांत समारोह 16 नवंबर 1963 को हुआ था, जिसमें तत्कालीन कुलपति डॉ. केएपी स्टीवेंसन के बुलावे पर मुख्य अतिथि भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने पंतनगर पहुंचकर 82 छात्रों को उपाधियां प्रदान की थीं।
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इसके बाद 31 मार्च 1965 को दूसरे दीक्षांत समारोह में तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ जाकिर हुसैन, 19 मार्च 1972 को नौवें दीक्षांत समारोह में तत्कालीन राष्ट्रपति वीवी गिरि, चार अक्तूबर 1983 को 12वें दीक्षांत समारोह में तत्कालीन राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह पहुंचे थे। 17 नवंबर 2003 को 21वें दीक्षांत समारोह में तत्कालीन राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम, 17 नवंबर 2015 को 29वें दीक्षांत समारोह में प्रणब मुखर्जी और अब सात नवंबर 2023 को 35वें दीक्षांत समारोह में वर्तमान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की है।
जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय 60 विभूतियों को दे चुका है मानद उपाधि
विवि में आठवें दीक्षांत समारोह के दौरान कृषि, प्रसार, शिक्षा और सामाजिक कार्यों में प्रसिद्धी पाए व्यक्तियों को मानद उपाधि देने की शुरुआत हुई। तब से अब तक पंत विवि 60 विभूतियों को मानद उपाधि दे चुका है। इनमें अंतरराष्ट्रीय कृषि वैज्ञानिक डॉ. नारमन ई. बोरलॉग, डॉ. डेविड डी. हैनरी, डॉ. आर रलफ डब्ल्यू कनिंग, डॉ. डगलस कुशमिंगर, एनडी तिवारी, सुनील भारती मित्तल, प्रसिद्व नृत्यागनां सोनल मान सिंह, कुमार मंगलम बिड़ला, चंडी प्रसाद भट्ट, पदमश्री डॉ. केएस वाल्दिया, रतन नवल टाटा, पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन सिंह, एनएसए अजीत डोभाल आदि शामिल हैं।