जिला प्रशासन के निरीक्षण के दौरान रोडवेज स्टेशन पर खामियां ही खामियां मिलीं। रोडवेज परिसर में लगाए गए पानी की टंकी और वाटर कूलर की हालत देख डीएम ने पेयजल के सैंपल भरने के निर्देश दिए। साथ ही अवैध रूप से बनाया गया कुलियों का गोदाम भी सीज कर दिया। कैंटीन में बनाए जाने वाले खाद्य पदार्थों के भी जांच की गई। यही नहीं स्टेशन परिसर की गंदगी पर नाराजगी जताते हुए डीएम ने सफाई ठेकेदार से स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश दिए।
अमर उजाला ने एक से लेकर पांच जून तक रोडवेज स्टेशन की अव्यवस्थाओं पर अभियान चलाया था। इसमें एक जून को ‘कहीं भरभराकर गिर न जाए बस अड्डे का भवन’, दो जून को ‘नरक से कम नहीं बस अड्डा’, तीन जून को ‘टूटा प्याऊ, वाटर कूलर, कैसे हो गला तर’, चार जून को ‘नशेड़ी उचक्कों का अड्डा बना बस अड्डा’ और पांच जून को ‘खंडहर बन गई रोडवेज बस अड्डे की कार्यशाला’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसे गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी डा. पंकज कुमार पांडेय ने शुक्रवार को रोडवेज स्टेशन का निरीक्षण किया। स्टेशन पर पानी की टंकी के आसपास गंदगी का ढेर देख डीएम ने नाराजगी जताई। वाटर कूलर का भी बुरा हाल था। उसका ढक्कन खुला हुआ था। डीएम पांडे ने एसडीएम विजय कुमार जोगदंडे से पानी के सैंपल भरवाकर जांच के आदेश दिए। इसके बाद स्टेशन भवन, परिसर के साथ ही शौचालय का निरीक्षण किया। वहां पर भी गंदगी देख डीएम ने साफ सफाई के निर्देश दिए। बाद में रोडवेज स्टेशन पर अवैध रूप से बने गोदाम की भी जांच की। इस दौरान डीएम ने एसडीएम को गोदाम सीज करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर एसडीएम विजय कुमार जोगदंडे, तहसीलदार संजय कुमार, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनीष सयाना, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा.अविनाश खन्ना, स्टेशन प्रभारी राकेश शर्मा, जल संस्थान के एई एमके टम्टा आदि थे।