रुद्रपुर में मटर की फली में लगा फंगस।
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रिमझिम बारिश व पाला गिरने से मटर की फसल खराब हो रही है। पहले हुई बारिश से मटर में फंगस लग गया है। जबकि जिले में आलू की फसल को भी नुकसान झेलना पड़ा है। गेहूं की फसल में पीलापन आना शुरू हो गया है।
कुछ दिनों से तराई में चल रही शीतलहर से आम जनमानस के साथ ही फसलों को भी नुकसान हो रहा है। रुद्रपुर के मटकोटा के पास कई एकड़ में मटर की खेती होती है। कुछ दिनों पहले हुई बारिश से मटर की फसल में नमी है। जो फली नमी को छू रही है, वह अब खराब होने लगी है। मटर की फलियों में फंगस आना शुरू हो गया है। किसानों के अनुसार मटर की फसल दिसंबर से तैयार होने लगती है।
जिन मटर के पौधों से फली टूटनी रह गई है। उन मटरों में फंगस लग गया है। किसान भूपेंद्र सिंह बाजवा का कहना है कि तराई से मटर की फसल दिल्ली, देहरादून से लेकर कई अन्य राज्यों में भी जाती है। वर्तमान में मटर 12 से 13 रुपये किलो चल रही है। मटर की जो फलियां टूटने से रह गईं हैं। उनमें फंगस आने लगे हैं। ऐसे में मटर की फसल को नुकसान झेलना पड़ रहा है। जिला उद्यान अधिकारी भावना जोशी ने कहा कि कहीं कहीं आलू की फसल में नुकसान की सूचना मिली है। जबकि मटर की फसल में फंगस की जानकारी नहीं है। पहले हुई बारिश से गेहूं की फसल भी हल्की खराब हुई है।