साहब! दो साल पहले मेरे जवान बेटे की हत्या मकान मालिक ने कर दी थी। लेकिन पुलिस ने मामला आत्महत्या का बताकर फाइल बंद कर दी।
एक दरोगा और सिपाहियों ने दोषियों पर कार्रवाई करने की बात कहकर मुझसे पैसे भी वसूले। मगर अब तक न्याय नहीं मिल सका। यह कहते हुए वृद्धा फफक पड़ी।
रविवार को रम्पुरा निवासी रेखारानी अपने पति ओमप्रकाश के साथ को एसएसपी केवल खुराना से मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि बीते 18 सितंबर 13 को उनके बेटे अमृत की हत्या मकान मालिक ने कर दी थी।
साजिश के तहत उसे आत्महत्या का रूप दिया गया। अमृत के हाथ में तीन जगह फैक्चर होने के साथ ही दांत भी टूटे हुए थे। उन्होंने शव के फोटोग्राफ भी दिखाए।
कई बार चक्कर लगाने के बाद उसको न्याय नहीं मिल सका। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई के नाम पर पुलिसकर्मियों ने उनके कई बार पैसे भी वसूले।
उन्होंने पैसे वसूलने वाले दरोगा और सिपाहियों के नाम भी उजागर किए। तत्कालीन एसएसपी ने जांच के लिए कमेटी भी बनाई थी, जिसकी रिपोर्ट भी दबा दी गई।
एसएसपी खुराना ने मातहतों को मामले के रिकार्ड निकालने के निर्देश दिए और दंपति से सोमवार को आकर उनके मिलने की बात कही। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें यहां आने में दिक्कत है तो कार्यालय से उन्हें लेने गाड़ी भिजवा दी जाएगी।