चार एकड़ जमीन के टुकड़े के लिए भाई ने ही भाई का कत्ल करा दिया। उसने मुरादाबाद के दो शूटरों को 10 लाख रुपये की सुपारी दी थी। टांडा मुस्तहकम निवासी राजेश हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने हत्या की साजिश रचने वाले मृतक के भाई के अलावा दोनों शूटरों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त दो तमंचे, खोखे और 25 हजार की नकदी भी बरामद की है।
आईटीआई थाने के ग्राम दभौरा मुस्तहकम निवासी राजेश (27) पुत्र स्व. भजन सिंह की 12 नवंबर की शाम करीब 5:15 बजे दो युवकों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। उस समय वह खेत में गेहूं की बुवाई करा रहा था। मामले में मृतक की मां रामो देवी ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। वारदात के खुलासे के लिए एसएसपी केके वीके ने एएसपी डॉ. जगदीश चंद्र के पर्यवेक्षण में आईटीआई थाना प्रभारी कुलदीप सिंह के नेतृत्व में टीम का गठन किया था। पुलिस ने मृतक का मोबाइल कब्जे में लेकर डाटा खंगाला तो केस की कड़ियां जुड़ने लगीं। टीम ने ग्राम रहटोर (मुरादाबाद) निवासी ब्रजेश उर्फ गटुवा और कटघर निवासी भजनलाल को अजीतपुर रोड से गिरफ्तार कर लिया। वारदात का खुलासा करते हुए एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने बताया कि आरोपियों ने सुपारी लेकर राजेश की हत्या करने का जुर्म कबूला है। आरोपियों ने बताया राजेश की हत्या के लिए टांडा दभौरा निवासी उसके भाई ब्रजेश ने उन्हें 10 लाख रुपये की सुपारी तय की थी। इसमें से उन्हें डेढ़ लाख रुपये बतौर पेशगी दिए गए। बाकी रकम न देने की स्थिति में ब्रजेश ने एक एकड़ भूमि उनके नाम कराने का भरोसा दिलाया था। शनिवार को दोनों आरोपी ब्रजेश उर्फ गटुवा और भजनलाल सुपारी की रकम लेने मृतक के भाई ब्रजेश के पास आ रहे थे, जिन्हें पुलिस ने धर दबोचा। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर गन्ने के खेत में फेंका गया बैग बरामद किया, जिसमें आरोपियों के जैकेट और स्वेटर थे। टीम में कैलाश चंद्र, कौशल भाकुनी, सुप्रिया नेगी के अलावा कांस्टेबल कुलदीप, अनुज त्यागी, कैलाश, दीपक कठैत, मुकेश कुमार, विनय कुमार, देवेंद्र सिंह, प्रकाश बिष्ट, जगदीश फर्त्याल व विनोद कांबोज आदि थे। वारदात का खुलासा करने पर डीआइजी ने पांच, एसएसपी ने ढाई व एएसपी ने डेढ़ हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
बंटवारे से आई आर्थिक तंगी के चलते कराई हत्या
पूछताछ में मृतक के भाई ब्रजेश ने बताया कि करीब पांच वर्ष पूर्व पिता की मृत्यु के बाद उसका भाई राजेश भी पैतृक गांव थाना भगतपुर के ग्राम चक थिरयादान को छोड़कर यहां टांडा दभौरा में बस गया था। मां रामो देवी ने आठ एकड़ जमीन का बंटवारा कर चार एकड़ भूमि राजेश को दिला दी थी। तब से वह आर्थिक तंगी में आ गया था। राजेश उसकी मदद करने की बजाय उसके साथ मारपीट करता था। उससे पीछा छुड़ाने और जमीन हथियाने की नीयत से उसने भाई की हत्या की साजिश रच डाली। उसने बताया कि टांडा मुस्हकम से कटघर (मुरादाबाद) जाकर बसे एक जानकार के मकान में ब्रजेश उर्फ गटुवा किराये पर रहता था। वहां आते-जाते उसकी ब्रजेश उर्फ गटुवा से जान पहचान हो गई थी। उसने ब्रजेश उर्फ गटुवा को भाई राजेश की हत्या की सुपारी दे दी। ब्रजेश ने अपने साथी भजनलाल की मदद से उसके भाई की हत्या कर दी।
रिश्ता कराने का झांसा देकर कर दी हत्या
काशीपुर। शूटरों ने शादी कराने का झांसा देकर राजेश की हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। राजेश अविवाहित था और जल्द ही शादी करना चाहता था। युवती का फोटो दिखाने के बहाने शूटर राजेश से मिलने उसके खेत में पहुंच गए। इस दौरान राजेश ने गुटका, सिगरेट आदि देकर उनकी आवभगत भी की। बातें करते-करते दोनों उसे खेत के एक कोने पर ले गए और गोली मारने के बाद फरार हो गए।
डेढ़ साल पहले भी ब्रजेश ने राजेश की हत्या की सुपारी दी थी
काशीपुर। जमीन के लालच में ब्रजेश ने डेढ़ साल पहले भी टांडा बादली (रामपुर) निवासी एक बदमाश को ढाई लाख रुपये में राजेश की हत्या करने की सुपारी दी थी। रेकी करते हुए सुपारी किलर उसके गांव पहुंचा तो राजेश उसे अपने घर ले गया। वहां राजेश की मां ने उसे दूध पीने को दिया। बातों-बातों में उक्त बदमाश को पता लगा कि राजेश अपनी विधवा मां का सहारा है। इस पर सुपारी किलर का मन पसीज गया। उसने राजेश को बताया कि किसी ने उसकी सुपारी दी है। उसने राजेश को सुझाव दिया कि वह कुछ दिन के लिए गांव छोड़कर कहीं चला जाए लेकिन उसने राजेश को सुपारी देने वाले व्यक्ति का नाम नहीं बताया। पूछताछ में मृतक के भाई ब्रजेश ने डेढ़ वर्ष पूर्व भाई की हत्या के लिए सुपारी देने और 50 हजार रुपये पेशगी देने की जानकारी पुलिस को दी।
पाप धोने के लिए गंगा में लगाई थी डुबकी
काशीपुर। राजेश हत्याकांड की वारदात को अंजाम देने के बाद सुपारी किलर हरिद्वार चले गए। वहां उन्होंने गंगा में स्नान किया। हत्यारोपी ब्रजेश उर्फ गटुवा ने बताया कि पाप धोने की धारणा से उन्होंने गंगा में डुबकी लगाई। उसके बाद सुपारी की रकम लेने के लिए वह काशीपुर आ रहे थे कि पुलिस ने उन्हें धर दबोचा।