17 किलो सोना गबन के मुख्य आरोपी राजेश एक्सपोर्ट लिमिटेड के प्लांट हेड के शुक्रवार शाम को हुए 164 के बयान के बाद पुलिस ने जिस तेजी से ताबड़तोड़ दबिश और कार्रवाई की है उससे सोना खरीदारों में भी हड़कंप मच गया है। सीधे देहरादून से घूमे डीजीपी के डंडे के आगे अब कई खरीदार पस्त हो गए हैं और वह चुपचाप पुलिस को सोना लौटाने लगे हैं। पिछले 17 घंटे से पुलिस की धरपकड़ से 17 किलो सोना बरामदगी में अब पुलिस को भी सफलता हाथ लगने लगी है। पुलिस जल्द ही माल बरामदगी का खुलासा करने की तैयारी में भी जुट गई है। उधर, पुलिस के आला अधिकारियों और खुफिया विभाग के सूत्रों की माने तो जो मुख्य आरोपी विदेश भाग चुके हैं या भागने की फिराक हैं उन्हें पुलिस अब दूतावास के जरिए दबोचने की भी तैयारी कर रही है।
उत्तराखंड में हाईप्रोफाइल 17 किलो सोना गबन के मामले में कई परतें खुलती जा रही हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जहां पुलिस ने भारी फोर्स लगा दी है, वहीं आसपास की पुलिस भी अब इस मामले में सक्रिय हो गई है। गदरपुर में शुक्रवार रात को दी गई दबिश के बाद शनिवार को मुख्यालय से सटे यूपी के रामपुर जिले के बिलासपुर तहसील क्षेत्र में भी पुलिस ने जबर्दस्त दबिश दी है। यहां से भी पुलिस को कुछ सफलता मिलने के संकेत मिले हैं। स्थानीय पुलिस को अब जल्द से जल्द इस मामले का खुलासा करना है इसलिए भी और सक्रिय हो गई है। वहीं पुलिस मुख्यालय से भी इस मामले को जल्द से जल्द वर्कआउट करने के लिए पुलिस पर पूरा दबाव बना है।
कप्तान ताकवाले की हुड़की भी काम आई
पिछले दिनों एसएसपी एएस ताकवाले से मिलने गए शहर के कुछ सर्राफा व्यापारियों ने जहां इस केस में अपने को बदनाम होने की बात कही। वहीं कप्तान ने व्यापारियों के समक्ष जिस तरह से कानून का पाठ पढ़ाया था वह भी अब आरोपी प्लांट हेड के बयान होने के बाद काम आने लगी है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि पिछले तीन दिन से पुलिस कप्तान का कड़क अंदाज भी चोरी छिपे सोना खरीदारों में खलबली बचाए हुए है। यही कारण है कि कुछ लोगों से पुलिस सोने की बरामदगी करने लगी है। गिरफ्तारी और जेल जाने के भय से भी अब लोग पुलिस के संपर्क में आ रहे हैं।
शुरू में ही कड़क अंदाज दिखाया होता...
स्थानीय पुलिस ने अगर 17 जून से ही कड़क अंदाज दिखाया होता तो आज तक इस केस में लिप्त लोगों से पुलिस को माल बरामदगी में भारी सफलता मिल जाती। इस केस में पुलिस का पूरा फोकस सबसे पहले आरोपी प्लांट हेड की गिरफ्तारी रही है। हालांकि प्लांट हेड ने पुलिस के शिकंजे में आने पर सिर्फ मात्र पांच किलो सोना ही गायब करना कबूला था, लेकिन 17 जून को कंपनी के प्रबंधन की ओर से जो रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी उसमें 17 किलो सोना गायब होने की बात कही थी, यहीं से पुलिस की जांच सघन होनी चाहिए थी। आखिर 17 किलो सोना कहीं बाहर नहीं शहर के आसपास ही ठिकाने लगाया गया था।
एक युवती पर भी घूमी पुलिस की जांच की सुई
17 किलो सोना गबन के आरोपी प्लांट हेड के रंगीले शौक को पूरा करने के लिए एक युवती उसके संपर्क में थी। जिस पर पुलिस के शक की सुई घूम गई है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि प्लांट हेड रमेश सती के शौक को पूरा करने में उक्त युवती उसके बराबर संपर्क में रहती थी। वहीं प्लांट हेड को अय्याशी का हर सामान उपलब्ध कराती थी। पुलिस को शक है कि उक्त युवती के पास से भी सोना बरामद हो सकता है।