तीन वन कर्मियों को जिंदा जलाने के प्रयास में पुलिस ने वन तस्कर और उसकी पत्नी के खिलाफ हत्या के प्रयास और सरकारी कार्य में बाधा डालने सहित कई संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। इधर, तस्कर परिवार सहित फरार हो गया।
रनसाली के रेंजर बीडी जोशी को मंगलवार की शाम मुखबिर से खैर की लड़की की तस्करी की सूचना मिली थी। रेंजर ने वन दरोगा धीरेंद्र पंत, डीके सिंह, गणेश दत्त पांडे, विनोद मेहता और संविदा कर्मी गुरमेज सिंह के साथ तस्कर को पकड़ने के लिए घेराबंदी कर दी थी, लेकिन कार सवार तस्कर लखविंदर सिंह उर्फ लक्की निवासी ग्राम ध्यानपुर थाना नानकमत्ता टीम को चकमा देकर भाग निकला। टीम पीछा करते हुए उसके घर पहुंची तो वह कार छोड़ वहां से भी फरार हो गया। कार में खैर के गिल्टे लदे थे।
रेंजर के निर्देश पर वन कर्मी गणेश दत्त पांडे, विनोद मेहता तथा गुरमेज सिंह कार से गिल्टे उतार रहे थे कि लखविंदर की पत्नी ने कार पर पेट्रोल छिड़क आग लगा दी। जिससे तीनों वन कर्मी गंभीर रूप से झुलस गए थे।
बुधवार को थाने पहुंचे रेंजर बीडी जोशी ने पुलिस को नामजद तहरीर सौंपी। पुलिस ने ग्राम ध्यानपुर निवासी लखविंदर सिंह तथा उसकी पत्नी के खिलाफ जानलेवा हमले का प्रयास के आरोप में आईपीसी की धारा 307, सरकारी कार्य मे बाधा के आरोप में 332 और गाली गलौज करने के आरोप में धारा 504 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस आरोपियों को पकड़ने में जुटी है।
हिस्ट्रीशीटर है वन तस्कर