बगैर नक्शा पास कराए और मानकों के विपरीत हो रहे निर्माण कार्यों पर जिला विकास प्राधिकरण का डंडा चल गया। प्राधिकरण की टीम ने पुलिस बल के साथ क्षेत्र की तीन कॉलोनियों सील कर दिया। इनमें 46 दुकानें और 53 निर्माणाधीन भवन शामिल हैं। प्राधिकरण की अचानक हुई कार्रवाई से बिल्डर और कॉलोनाइजर्स में खलबली मची है।
जिले में बगवाड़ा और गंगापुर रोड क्षेत्र में बगैर नक्शा पास कराए कॉलोनियां काटकर उनमें निर्माण कराए जा रहे थे। जिला विकास प्राधिकरण ने कॉलोनाइजर्स को नोटिस जारी कर निर्माण कार्य बंद करने और जवाब दाखिल करने को कहा था। जवाब दाखिल नहीं होने पर प्राधिकरण सचिव ने ऐसे निर्माण को सील करने के आदेश दिए। बृहस्पतिवार को प्राधिकरण की टीम ने बगवाड़ा स्थित कौशल्या होम्स में निर्माण कार्य रोक दिया। इस कॉलोनी में 16 निर्माणाधीन आवासों के साथ ही वहां बनी 40 दुकानों को सील कर दिया गया। कॉलोनी में सड़कों के किनारे नालियां के लिए स्थान नहीं छोड़ा गया था और दुकानों के आगे पार्किंग नहीं बनाई गई थी।
इससे बाद टीम ने दक्ष इनक्लेव कॉलोनी परिसर में बनी छह दुकानों को भी सील किया। इन दुकानों का बगैर नक्शा पास कराए निर्माण किया गया था। दुकान स्वामी ने इस कार्रवाई का विरोध भी किया। बाद में टीम ने गंगापुर रोड के पास बगैर नक्शा स्वीकृत किए बनाई जा रही कॉलोनी (दो ब्लॉकों के 25 आवास) को भी सील कर दिया। साथ ही प्लॉटिंग किए गए करीब 10 भूखंडों का निर्माण कार्य रोक दिया। टीम ने बताया कि यह कॉलोनी विमला देवी नामक महिला के नाम है। इसके बाद गंगापुर रोड स्थित आस्था इनक्लेव नाम से दूसरी कॉलोनी को भी सील कर दिया। कॉलोनी के दो ब्लॉकों में 12 आवासों का निर्माण चल रहा था। तीन भूखंडों को भी सील किया गया है। करीब छह घंटे चली इस कार्रवाई से जिलेभर के बिल्डरों में अफरातफरी मच गई।
प्राधिकरण जेई आरएल भारती ने बताया कि तीन कॉलोनियों को सील किया गया है। उनमें स्थित 46 दुकानें और 53 निर्माणाधीन भवन भी सील किए गए हैं। टीम में जिला विकास प्राधिकरण के एई आनंदराम, जेई आरएल भारती, सेवितम पांडे, तहसीलदार अमृता शर्मा समेत बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रहा।
बिना नक्शा पास किए और पास कराए नक्शे का उल्लंघन कर निर्माण की जानकारी मिलने के बाद संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए गए थे। इन लोगों को जवाब दाखिल करने और तत्काल काम रोकने को कहा गया था। लेकिन, न तो काम रोका गया और न ही जवाब दाखिल किया गया। इसके बाद ही सील करने की कार्रवाई की गई है। इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
- प्रताप शाह, सचिव, जिला विकास प्राधिकरण।