खेत में लगे कंटीले तार में फंसकर तेंदुआ जख्मी हो गया। गौला किनारे घायल पड़ा देख वन विभाग की टीम ने उसे ट्रैंकुलाइज कर रानीबाग रस्क्यू सेंटर भेज दिया है। स्वस्थ होने के बाद उसे जंगल में छोड़ दिया जाएगा।
मंगलवार की रात श्रीलंका टापू के खेत में लगे कंटीले तार में तेंदुआ फंस गया, जिससे उसके पेट में गहरा घाव हो गया। काफी मशक्कत के बाद तार से छूटकर वह पानी पीने के लिए बृहस्पतिवार को गौला नदी में पहुंच गया। तेदुआ दिखने पर आस-पास क्षेत्र में दहशत का माहौल हो गया। लोगों ने डॉली और गौला रेंज के अधिकारियों को बताया तो दोनों टीमें मौके पर पहुंच गईं जिसमें वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी डॉ. हिमांशु पांगती, नैनीताल जू के डॉ. आयुष उनियाल ने मोर्चा संभाला। तेंदुए को बेहोश किया गया।
वन अधिकारी ध्रुव सिंह मर्तोलिया, उपप्रभागीय वनधिकारी आरपी जोशी आदि ने तेंदुए को सुरक्षित रेस्क्यू किया। गौला रेंज के वन क्षेत्राधिकारी आरपी जोशी ने बताया कि तारों में फंसकर तेंदुआ घायल हो गया था। उसे रानीबाग रेस्क्यू सेंटर भेजा गया है। उपचार के बाद उसके स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है।
संदिग्ध हालात में तेंदुए की मौत, किलपुरा रेंज में मिला शव
खटीमा। किलपुरा रेंज के दोगाड़ी जंगल में संदिग्ध अवस्था में मादा तेंदुए की मौत हो गई। इससे वन विभाग में खलबली मच गई।
किलपुरा रेंज के वन रक्षक हेमंत कुमार बृहस्पतिवार की सुबह आरक्षित वन क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इसी बीच उन्हें दोगाड़ी द्वितीय बीट के समीप तेंदुआ मृत अवस्था में पड़ा मिला। वन रक्षक ने इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी।
वन क्षेत्राधिकारी जीवन चंद्र उप्रेती मौके पर पहुंचे और तेंदुए का शव कब्जे में ले लिया। रेंजर उप्रेती ने बताया कि मादा तेंदुए की उम्र चार से पांच वर्ष के बीच है। उसके शरीर पर बाहरी चोट के कोई निशान नहीं मिले हैं। उसके सभी अंग सुरक्षित हैं। पशु चिकित्सकों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही तेंदुए की मौत के कारणों का पता चल सकेगा। मृत मिले गुलदार का दाह संस्कार कर दिया गया है।
शांतिपुरी में नदी किनारे पड़ा घायल गुलदार।- फोटो : RUDRAPUR