काशीपुर। एक व्यक्ति ने इंडस टावर लिमिटेड के खिलाफ धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए अदालत में प्रार्थना पत्र सौंपा। कहा कि कंपनी ने उसके फर्जी हस्ताक्षर बनाकर मोबाइल टॉवर के किराए में कटौती कर ली। पुलिस ने अदालत के आदेश पर कंपनी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
पॉलिटेक्निक गेट के पास निवासी मोहम्मद अजीम ने अदालत में प्रार्थनापत्र सौंपा। इसमें बताया कि उसने अपनी भूमि भारती इन्फ्राटेल लिमिटेड को मोबाइल टावर लगाने के लिए किराए पर दी थी। इसका मासिक किराया 33 हजार 62 रुपये तय हुआ था। वर्तमान में भारती इन्फ्राटेल का टावर संबंधी कार्य इंडस टावर लिमिटेड संचालित कर रहा है। आरोप लगाया कि इंडस टावर लिमिटेड ने 1 अप्रैल 2021 से उन्हें निर्धारित किराए से कम राशि भेजना शुरू कर दिया। उसने इस संबंध में कंपनी को एक कानूनी नोटिस भेजा तो उन्हें सात मार्च 2023 को उसका जवाब मिला। जवाब देखने के बाद अजीम को पता चला कि कंपनी ने उसके फर्जी हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर किराये की दर 33 हजार 062 रुपये से घटाकर 27 हजार 063 रुपये कर दी है।
आरोप है कि उनके और कंपनी के बीच पंजीकृत किरायानामा लिखा गया था। उन्होंने कभी भी किराये में कटौती के लिए सहमति नहीं दी थी। कहा कि कंपनी ने उसे आर्थिक क्षति पहुंचाने के उद्देश्य से फर्जी हस्ताक्षर बनाकर किराए में कमी करने का फर्जी दस्तावेज तैयार किया है। उसे वास्तविक दस्तावेज मानकर उपयोग किया है। बताया कि मामले में 23 मार्च 2023 को काशीपुर कोतवाली में भी एक प्रार्थनापत्र दिया था लेकिन उस पर कार्रवाई नहीं हो सकी। पुलिस ने अदालत के आदेश पर कंपनी के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।