इसी क्रम में भाजपा के शक्ति केंद्रों की तर्ज पर कांग्रेस मंडलम इकाइयां गठित करने जा रही है। सात से दस बूथ पर एक मंडलम इकाई बनाई जाएगी और इसमें अध्यक्ष सहित पूरी कार्यकारिणी होगी जो बूथ और शहर इकाई के बीच समन्वय का काम करेगी। मंडलम इकाई में बड़ी इकाइयों में पद पाने से वंचित रहने वाले कार्यकर्ताओं को पद दिए जाएंगे। इसके सहारे कांग्रेस में धार दी जाएगी। भाजपा बूथ तक पकड़ को मजबूत करने के मकसद से मंडल इकाई के साथ ही शक्ति केंद्र संयोजक, बूथ कमेटी और पन्ना प्रमुख नियुक्त करती है। लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस भी बूथ पर विशेष फोकस कर रही है। संवाद
पूर्व में सक्रिय रहे सदस्यों की पीसीसी को भेजी जा रही सूची
कांग्रेस संगठन हर विधानसभा में पूर्व में सक्रिय रहे और वर्तमान में निष्क्रिय चल रहे कार्यकर्ताओं को चिह्नित कर रही है। सभी जिला इकाइयों से ऐसे कार्यकर्ताओं के नाम मांगे जा रहे हैं। इनमें पूर्व में निकाय, पंचायतों में निर्वाचित रहे नेताओं के साथ ही पूर्व पदाधिकारी शामिल हैं।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष हिमांशु गावा ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सूची भेजी जा रही है। इसके बाद पीसीसी इन कार्यकर्ताओं और नेताओं से संपर्क करेगी और उनको मुख्य धारा में सक्रिय किया जाएगा। कहा कि जिले में नगर, ब्लाक अध्यक्षों के साथ ही पहली बार नगर पंचायतों में अध्यक्ष बनाए गए हैं।
छह ग्रामीण बूथ पर एक मंडलम इकाई का होगा गठन
ग्रामीण क्षेत्रों में छह और शहरी क्षेत्रों में दस बूथ पर एक मंडलम इकाई का गठन होगा। इस इकाई में अध्यक्ष, महामंत्री, उपाध्यक्ष सहित पूरी कार्यकारिणी होगी। यह कार्यकारिणी बूथ और शहर इकाई के बीच पुल के रूप में सक्रिय होकर कार्य करेगी। इसके बहाने कांग्रेस बूथों में सक्रिय उन कार्यकर्ताओं को दायित्व दे सकेगी, जिनको ब्लाक या शहर इकाई में जगह नहीं मिल सकी है।
इन कार्यकर्ताओं को दायित्व देकर जहां सम्मान का अहसास कराया जाएगा, वहीं उनकी सक्रियता का लाभ पार्टी को चुनाव में मिल सकेगा। कांग्रेस का दिसंबर तक सभी ब्लाक और शहर इकाइयों में मंडलम इकाइयां गठित करने का लक्ष्य है।