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जवाहर नगर की सड़कों में चलना हुआ मुहाल

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हरीश पाठक। - फोटो : RUDRAPUR
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स्वतंत्रता सेनानी ग्राम जवाहर नगर की बदहाल सड़कों पर लोगों का चलना मुहाल हो गया है। गड्ढेयुक्त इन सड़कों का इतना बुरा हाल है कि यहां से गुजरने से पहले बुजुर्ग लाठी लेना नहीं भूलते। कई वर्षों से इन सड़कों का पुनर्निर्माण आदि कार्य नहीं होने से यह समस्या खड़ी हो रही है।
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जवाहर नगर की मुख्य सड़क बिंदुखत्ता को और शांतिपुरी को जोड़ती है। इन सड़कों पर वाहनों के साथ ही बड़ी संख्या में पैदल यात्री भी चलते हैं। इसके बावजूद इस सड़क की लगातार अनदेखी की जा रही है। इस सड़क के गड्ढों में गिरकर लोग चोटिल हो रहे हैं। साथ ही वाहनों से सड़क दुर्घटनाएं भी हो रही हैं। बुजुर्ग लोग इस सड़क पर बगैर किसी सहारे के चलने से घबराते हैं। क्षेत्र के लोगों ने बताया कि अंतिम बार सड़क का पुनर्निर्माण उन्हें याद तक नहीं है। नेता भी बार-बार झूठे आश्वासन देकर लोगों को गुुमराह करते हैं। पिछले दिनों बारिश के कारण सड़क और गड्ढे बन गए हैं। कई स्थानों पर सड़क पर जलभराव भी हो गया है। इस कारण इस सड़क पर दोपहिया और पैदल लोगों का चलना मुश्किल हो गया है।
गांव के विकास के लिए हवाई और झूठे वादे किए जाते हैं। धरातल पर कोई भी काम नहीं किया गया है। गांव में सड़कों का बुरा हाल है। दुर्घटनाओं के डर से बुजुर्ग लोग घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं।
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- कमला नोलिया।
पिछले 10 वर्षों से जवाहरनगर की सड़कों की दशा नहीं सुधरी है। सिर्फ नेताओं के झूठे आश्वासनों में इतने साल गुजर गए। सड़क की बदहाली पर किसी का ध्यान नहीं है। सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क है, यह कहना मुश्किल हो गया है।
- मोहनचंद्र पांडेय।
हमने उत्तराखंड राज्य के गठन के लिए आंदोलन किया और कई बार आंदोलन के दौरान लाठियां भी खाई हैं। राज्य बनने के बाद जवाहर नगर गांव की सड़कें अभी भी बदहाल हैं। स्वतंत्रता सेनानी गांव होने के बाद भी यहां विकास दूर-दूर तक नहीं दिखाई देता है। - हरीश पाठक।

कमला नोलिया।- फोटो : RUDRAPUR

जवाहर नगर गांव की बदहाल सड़क।- फोटो : RUDRAPUR

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