सितारगंज चीनी मिल में डंप गन्ने के साथ मौजूद किसान।
- फोटो : SITARGANJ
सीएम के चीनी मिल पेराई सत्र का शुभारंभ करने के एक सप्ताह बाद भी मिल का संचालन शुरू नहीं हुआ है। इससे क्रय केंद्रों और खेतों में गन्ना सूख रहा है। मिल के न चलने से किसानों में प्रबंधन के खिलाफ आक्रोश है।
बता दें कि बीती 29 नवंबर को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा व जिले के प्रभारी मंत्री यतीश्वरानंद ने चीनी मिल पहुंचकर पेराई सत्र का शुभारंभ किया था, परंतु अभी तक चीनी मिल में चीनी उत्पादन की शुरुआत नहीं हुई। बताया जा रहा है कि मशीनों में खराबी के कारण उत्पादन नहीं हो ठप है। वहीं, चीनी मिल के इंडेंट के आधार पर किसान क्रय केंद्रों पर गन्ना आपूर्ति के लिए जमा हैं। किसानों का केंद्रों पर गन्ना नहीं तौला जा रहा है। कई किसानों ने तो खेतों में गन्ने की छिलाई भी कर दी है। कई किसान भी गन्ना तौल कराने के लिए केंद्रों पर ही ट्रालियां लेकर इंतजार कर रहे हैं।
मिल न चलने से क्रय केंद्रों पर ट्रॉलियों में लदे लदे गन्ना सूख रहा है। भाकियू (टिकैत) के ब्लॉक अध्यक्ष गुरसाहब सिंह ने बताया कि मिल का शुभारंभ होने के बाद किसानों ने इंडेंट के आधार पर गन्ना छिलाई व कटाई कर दी। अब चीनी मिल बंद पड़ी है। किसानों का गन्ना डंप है। इससे जहां गन्ना सूख रहा है तो वहीं गेहूं की बुवाई भी नहीं कर पा रहे हैं। आरोप लगाया कि अफसरों ने मिल में मरम्मत के नाम पर सरकार व किसानों को गुमराह किया। मिल की रिपेयरिंग में करोड़ों खर्च दिखाए गए हैं, लेकिन मिल में लगातार खराबी आ रही है। चेतावनी दी कि अगर जल्द ही मिल में चीनी का उत्पादन शुरू नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
मिल के प्रधान प्रबंधक आरके सेठ ने बताया कि तकनीकी कारणों से मिल में खराबी होने और बगास न मिलने की वजह से मिल चालू नहीं हो सकी। किसानों को केंद्रों पर गन्ना न लाने के लिए विभिन्न माध्यमों से सूचित कर दिया है। उम्मीद है कि जल्द ही मिल शुरू हो जाएगी।