डैम के पास प्रदर्शन करते ग्रामीण। संवाद
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खटीमा। दूनी डैम के फाटक खोलने की मांग के लिए ग्रामीणों ने डैम पर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि फाटक न खोलने से डैम का पानी दाह एवं ढाकी गांव में भरने लगा है। इससे गांवों में बाढ़ जैसे हालात हो रहे हैं।
क्षेत्र की देवहा, कामन, थनारा एवं परवीन नदी का पानी उत्तर प्रदेश सीमा पर बने दूनी डैम में जाकर मिलता है। इससे डैम में पानी बढ़ने लगा है। डैम के फाटक न खुलने से डैम के ऊपरी हिस्से पर बसे दाह और ढाकी गांवों में जलभराव हो रहा है। फाटक नहीं खोलने के विरोध में ग्रामीणों ने डैम पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यूपी डैम प्रशासन दूनी डैम के फाटक नहीं खोल रहा है। इससे डैम का पानी दाह एवं ढाकी में भरने लगा है।
ग्रामीणों ने बताया कि डैम के ऊपरी हिस्से में उत्तराखंड के ग्रामीण काबिज हैं। यूपी सिंचाई विभाग ने अपनी तरफ से यूपी सीमा पर ठोकरें बना दी हैं। इससे बरसात में डैम का पानी उत्तराखंड के सीमा क्षेत्र में स्थित दाह एवं ढाकी गांवों में भरने लगता है। कहा कि हर वर्षाकाल में यूपी सिंचाई विभाग फाटक बंद करता आ रहा है। ग्रामीण फाटक खोलने की मांग करते हैं तो विभाग के अधिकारी सिंचाई विभाग के मुख्यालय लखनऊ में अपनी मांग रखने की बात कहकर पलड़ा झाड़ लेते हैं।
उन्होंने यूपी व उत्तराखंड सिंचाई विभाग के आला अफसरान और शासन से गांवों को डैम के पानी से निजात दिलाने की मांग की है। वहां हरभजन सिंह, कारज गिल, गुरजंट सिंह, चरन सिंह, राजेंद्र सिंह, काला सिंह, राजू सिंह, मलकीत सिंह, राज कौर, गुरुचरन कौर आदि थे।