जसपुर। एमबीबीएस की पढ़ाई करने यूक्रेन गया जसपुर निवासी दिव्यांशु चौहान हॉस्टल के पास अपने साथियों के साथ बंकर में छिपा है। हॉस्टल के आसपास गोलाबारी हो रही है। छात्र के परिजन उसकी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने सरकार से मदद की गुहार लगाई है।
मोहल्ला पट्टी चौहान निवासी दिव्यांशु चौहान अभी यूक्रेन में ही फंसा हुआ है। उसके पिता डॉ. पवन चौहान, माता सुनीता चौहान, दादी कृष्णा देवी, बहन दीपांशी और भाई हर्ष उसकी सुरक्षा को लेकर भारी चिंता में हैं। डॉ. पवन चौहान ने बताया कि दिव्यांशु यूक्रेन के सुमी शहर से पढ़ाई कर रहा है। वर्तमान में वह कॉलेज के हॉस्टल के पास बने बंकर में अपने लगभग 600 साथियों के साथ है। बंकर के आसपास गोलाबारी हो रही है। वहां से रोमानिया का बॉर्डर लगभग 800 किमी और रूस का बॉर्डर 25 किमी दूर है। रूसी सेना ने नदियों के सभी पुल उड़ा दिए हैं। बसें, टैक्सी, ट्रेनें अभी नहीं चल रही हैं।
रोमानिया के बॉर्डर पर पहुंचना बहुत मुश्किल है। रूस और यूक्रेन दोनों देशों के सैनिकों के साथ यूक्रेन के नागरिक भी राइफल लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। वहां से निकलकर रोमानिया के बॉर्डर पर पहुंचना कठिन है। हॉस्टल का राशन और पानी भी खत्म होने के कगार पर है। वे छह दिन से बंकर में बंद हैं। रूस की ओर से दी जा रही परमाणु हमले की चेतावनी के बीच स्थितियां और चिंताजनक हो गई हैं। उसकी सुरक्षा को लेकर पूरा परिवार चिंतित है। उन्होंने भारत सरकार से छात्रों को जल्द से जल्द सुरक्षित भारत लाए जाने की मांग की है।