सितारगंज। नगर के नयागांव में पीलिया जैसी गंभीर बीमारी का प्रकोप सामने आया है। बीमारी से ग्रसित 10 वर्षीय बालक की दिल्ली के अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई जबकि सात बच्चों का सितारगंज के निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। घटना की खबर से स्वास्थ्य विभाग में खलबली मची है। विभाग ने बीमारी के स्रोत की पहचान के लिए रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) का गठन कर दिया है।
नयागांव निवासी अल्तमस (10) पुत्र इश्तकार की बीती रात 12 से एक बजे के बीच मौत हो गई। बुधवार को परिजन शव लेकर गांव पहुंचे। उन्होंने बताया कि पिछले कई दिनों से अल्तमस बुखार से पीड़ित था। परिजनों ने सितारगंज की एक निजी लैब में जांच कराई तो पता चला कि उसे पीलिया है। उसे उपचार के लिए रुद्रपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने पर परिजन उसे दिल्ली ले गए। वहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
परिजनों ने बताया कि अल्तमस की एक बहन भी पीलिया से संक्रमित है जिसका रुद्रपुर के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं, ग्राम प्रधान मैसर जहां ने बताया कि गांव में 40 से अधिक बच्चे बुखार, कमजोरी और सीने में दर्द जैसी शिकायतों से जूझ रहे हैं। जांच में अधिकांश बच्चों में पीलिया के लक्षण पाए गए हैं। कई बच्चों का उपचार घर पर चल रहा है जबकि गंभीर रूप से बीमार बच्चों को निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
उन्होंने बताया कि मो. अरमान (14) पुत्र गयासुद्दीन, सुप्यान शैरी (13) पुत्र दिलशाद अहमद, मो. रहमान (8) पुत्र तोहिद, मो. साद (18) पुत्र अबरार अहमद, मो. जुनैर (12) पुत्र शादाब, मो. उजैफ (9) पुत्र शादाब, मुजाहिद (14) पुत्र इकरार अहमद समेत कई बच्चे निजी अस्पतालों में भर्ती हैं। कई बच्चों को उप जिला अस्पताल ले जाकर जांच कराई गई जहां चिकित्सकों ने पीलिया होने की पुष्टि की। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग को मामले की सूचना दी गई।
दूषित पानी पीने से पीलिया फैलने की जताई आशंका
ग्रामीणों ने कहा कि दूषित पेयजल की आपूर्ति के कारण बीमारी फैली है। उन्होंने पेयजल लाइनों की जांच कर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाने, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा बीमारी के वास्तविक कारणों की जांच कराने की मांग की है ताकि बीमारी का फैलाव रोका जा सके।
रैपिड रिस्पांस टीम गठित
सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल ने बताया कि नयागांव में बच्चों के बीमार होने की सूचना पर बीमारी के सही स्रोत का पता लगाने के लिए रैपिड रिस्पांस टीम का गठन किया गया है। टीम में डॉ. सुधीर गुप्ता, डॉ. आरडी भट्ट, डॉ. अतुल कुमार, ऐपिडिमियोलॉजिस्ट डॉ. संतोष कुमार पांडेय और माइक्रोबाइलॉजिस्ट रजनी भट्ट शामिल हैं। इसके अलावा टीम में आशा, सीएचओ, एएनएम और रक्त जांच टीम भी साथ रहेगी।
सीएमओ ने बताया कि टीम घर-घर जाकर पीलिया के मरीजों की पहचान करेगी। बीमारी के फैलने के स्रोत पता लगाएगी। संदिग्ध मरीजों की रक्त जांच करेगी। चिह्नित मरीजों को मौके पर दवाइयां उपलब्ध कराकर उप जिला अस्पताल रेफर करेगी। इसके अलावा लोगों को बीमारी के प्रति जागरूक भी करेगी। यह टीम बृहस्पतिवार को गांव पहुंचेगी।
प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया गया। वहां पानी की सैंपलिंग और सफाई कार्य शुरू करा दिया गया है। संभवतः पानी के अलावा खाद्य पदार्थ के कारण बीमारी फैली होगी हालांकि, यह जांच का विषय है। स्वास्थ्य विभाग ने जिला स्तर पर रैपिड रिस्पांस टीम का गठन किया है जो प्रभावित इलाकों का निरीक्षण कर प्रभावित लोगों का इलाज और बीमारी के स्रोत का पता लगाने का कार्य करेगी। - हिमांशु जोशी, तहसीलदार, सितारगंज