काशीपुर। क्षेत्र में मधुमेह रोग की चपेट में लोग आ रहे हैं। पिछले साल की अपेक्षा इस वर्ष सौ से अधिक मरीज सरकारी अस्पताल से इलाज कराने पहुंच रहे हैं। चिकित्सक इसके बढ़ने का कारण बदलती जीवनशैली, शारीरिक गतिविधि की कमी, अस्वास्थ्यकर खान-पान और तनाव है।
दरअसल, लगातार बदलती जीवनशैली और शारीरिक गतिविधि से दूर होने से लोगाें में शुगर रोग बढ़ रहा है। यह बीमारी अब बच्चों, युवाओं और व्यक्तियों हर वर्ग में हो रही है। एलडी भट्ट राजकीय उप जिला चिकित्सालय के चिकित्साधिकारी डॉ. अमरजीत सिंह ने बताया कि पिछले साल मधुमेह के करीब 65 मरीज आ रहे थे और अब 100 से अधिक आ रहे हैं। इनमें 15 मरीज 30 वर्ष से नीचे के हैं। 35 मरीज 40 वर्ष से कम के हैं।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव पुनेठा ने बताया कि टाइप एक मधुमेह बच्चों में बचपन से होती है। उन्हें प्रतिदिन इंसुलिन लगती है। दो बच्चों का इलाज चल रहा है।
जागरूकता के अभाव में शुगर मरीज के पैरों में जलन, आंखों में मोतियाबिंद, किडनी खराब होने, पेशाब में पस आना आदि बीमारी हो जाती है। प्यास में वृद्धि, मुंह सूखना, जल्दी पेशाब आना, थकान, धुंधली दृष्टि, वजन घटना, हाथों-पैरों में सुन्नपन या झुनझुनी होना, जल्दी घाव सही नहीं होने लक्षण महसूस होने पर चिकित्सक से परामर्श ले सकते हैं।