बिगवाड़ा क्रय केंद्र पर धान खरीद से संबंधित दस्तावेज पूर्ण न मिलने पर जिला धान खरीद अधिकारी ने केंद्र प्रभारी को हटा दिया। इधर, किसान के धान को मिल में न उतारने पर आरएफसी ने कमीशन एजेंट का लाइसेंस तीन दिन के लिए निलंबित कर दिया है।
कालेपन की शिकायत पर किसानों का धान न तो सरकारी क्रय केंद्रों पर बिक पा रहा है, न ही कमीशन एजेंट खरीद रहे हैं। इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। किसानों का सैकड़ों क्विंटल धान क्रय केंद्रों पर पड़ा है। दरअसल, जिले में धान मिल मालिकों को ही कमीशन एजेंट बनाया गया है। आरएफसी कुमाऊं हरबीर सिंह ने बताया कि मंगलवार को एक किसान अपना धान बेचने के लिए कमीशन एजेंट के पास गया, लेकिन उसने धान को अपनी मिल पर उतारने से इनकार कर दिया।
उन्होंने बताया कि जिस कारण केएलए धान मिल के कमीशन एजेंट का लाइसेंस तीन दिन के लिए निलंबित कर दिया है।
इधर, जिला धान खरीद अधिकारी जयभारत सिंह ने बिगवाड़ा क्रय केंद्र पर धान खरीद से संबंधित दस्तावेज दुरुस्त न मिलने पर क्रय केंद्र प्रभारी पंकज को केंद्र प्रभारी की जिम्मेदारी से हटा दिया। उन्हें पूर्वी रुद्रपुर बहुउद्देश्यीय किसान सहकारी समिति से संबद्ध कर दिया है। प्रभारी जिला सहायक निबंधक केएल टम्टा ने कहा कि क्रय केंद्र प्रभारी की जिम्मेदारी समिति के ही दूसरे कर्मचारी को दे दी है। उन्होंने कहा कि धान में कालेपन की शिकायत आ रही है, जिस कारण सरकारी क्रय केंद्रों पर इस धान को नहीं खरीदा जा रहा है।
बाहर से काले धान को भीतर से बताया सफेद
रुद्रपुर। भाकियू (चढूनी) के प्रदेश उपाध्यक्ष विक्रमजीत सिंह का कहना है कि जिस धान को काला बताकर कमीशन एजेंट नहीं खरीद रहे हैं, वह धान भीतर से सफेद है। जिस कारण चावल की गुणवत्ता खराब नहीं होगी। ऐसे में कमीशन एजेंटों को किसानों का धान खरीदने में बहानेबाजी नहीं करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि मंगलवार को कई कमीशन एजेंटों व सरकारी क्रय केंद्रों से किसानों को बगैर धान बेचे लौटना पड़ा। बिगवाड़ा क्रय केंद्र पर कालेपन की शिकायत पर करीब 300 क्विंटल धान पड़ा हुआ है। विक्रमजीत ने कहा कि आपदा के कारण किसानों का धान भीगने से कालेपन की शिकायत आ रही है। ऐसे में प्रदेश सरकार को धान खरीद से जुड़े मानकों में संशोधन करते हुए किसानों का पूरा धान खरीदवाना चाहिए। संवाद
बिगवाड़ा क्रय केंद्र पर कालेपन की शिकायत मिलने पर पड़ा धान।- फोटो : RUDRAPUR