एक बार रीसेट करने की फीस
999 रुपएफोरमैन मो. यामीन ने बताया कि बसों को एक बार रीसेट कराने के लिए 999 रुपये खर्च आता है। वहीं अगर कोई सेंसर, प्लग आदि में कोई खराबी आती है तो तीन हजार तक का खर्चा आ जाता है। बताया कि लैपटॉप होने से बसों को कार्यशाला में ही समय-समय पर रीसेट किया जा सकता है।
बसों में ब्रेकडाउन के मामले ज्यादातर सेंसर में खराबी की वजह से आते हैं जो सॉफ्टवेयर के जरिए ठीक किए जाती हैं। लैपटॉप की मदद से बसों के सेंसरों को रीसेट कर ठीक किया जाता है।
- मो. यामीन, फोरमैन, रोडवेज डिपो