सितारगंज। देशभर के 12 राज्यों में 22 लोगों से 2.44 लाख रुपये की साइबर ठगी करने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि यह रकम स्थानीय एसबीआई शाखा में खोले गए फर्जी खाते में जमा की जाती थी। मामले में पुलिस ने खाता संचालक सहित छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
एसएसआई राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि साइबर ठगों पर शिकंजा कसने के लिए गृह मंत्रालय ने भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (एनसीआरपी) स्थापित किया है। एसपी क्राइम के निर्देश पर संदिग्ध बैंक खातों की जांच की जा रही है। इसी क्रम में एसबीआई के एक संदिग्ध बैंक खाते की जानकारी ली गई। पता चला कि उक्त बैंक खाता जोशान ट्रेडिंग कंपनी सिसईखेड़ा, नानकमत्ता के नाम पर दर्ज है जिसमें 6.23 लाख रुपये का होल्ड लगा है।
जानकारी लेने पर पता चला कि उक्त खाते को तीन सितंबर 2025 को खोला गया था जो संयुक्त रूप से गांव सलमता निवासी गुरचरन सिंह, गांव घुसरी निवासी मलकीत सिंह और गांव देवकली निवासी सलक्खन सिंह के नाम दर्ज पाया गया। वहीं, गांव डोहरी निवासी संतोष सिंह ने बताया कि वह जोशान ट्रेडिंग कंपनी नामक फर्म का मालिक है लेकिन उसने एसबीआई के किसी भी बैंक में उक्त फर्म के नाम से कोई भी खाता नहीं खोला है।
संतोष ने बताया कि फर्जी खाता खोलने की जानकारी होने के बाद उसने बैंक में खाते को फ्रीज करने के लिए प्रार्थनापत्र दिया था। बैंक खाते के संयुक्त खाताधारकों से पूछताछ करने पर उन्होंने बताया कि वे नानकमत्ता और सितारगंज में प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते हैं।
गांव कैथुलिया निवासी सुरजीत सिंह और परमजीत सिंह ने उनकी पहचान अर्जुनपुर, रुद्रपुर निवासी ईश्वर सिंह से कराई जो बैंक में खाता खुलवाकर उसमें पैसे डलवाता था। वह खाते में आए हुए पैसे में से कुछ रुपये कमीशन के रूप में देता था। बताया कि रुपयों के लालच में आकर उन्होंने आपस में एक लाख रुपये एकत्रित कर जोशान ट्रेडिंग कंपनी के नाम से एसबीआई में एक खाता खुलवाया था।
इसके बाद खाते की सभी जानकारी ईश्वर सिंह को दे दी गई। एक सप्ताह बाद उसमें 15-16 लाख रुपये आए जिसमें से ईश्वर सिंह ने उन्हें कमीशन के रूप में चार लाख रुपये दिए और उसे पांच लोगों ने आपस में बांट लिया। आरोप लगाया कि ईश्वर सिंह ही देशभर के अलग-अलग राज्यों में फर्जी फोन करके उनके एसबीआई खाते में रुपये डलवाता था। संवाद
बैंक खाते पर एनसीआरपी पोर्टल में दर्ज हैं साइबर ठगी की 22 शिकायतें
एसबीआई की सितारगंज शाखा में खोले गए जोशान ट्रेडिंग कंपनी नाम के खाते पर भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र के पोर्टल पर देशभर के 12 राज्यों से 22 लोगों ने साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराई है। इसमें गुजरात निवासी कल्पना से 74,000, महाराष्ट्र निवासी राजेश अग्रवाल से 39,000, कर्नाटक निवासी पुत्थेगोडा से 21,000, तमिलनाडु निवासी श्रीनिवास राघवन से 12.5000, तेलंगाना निवासी रामाना राव से 12,000 सहित कुल 22 लोगों ने 2.44 लाख रुपये की साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराई है। बताया जा रहा है कि इनके अलावा और भी कई लोगों से साइबर ठगी की गई होगी जिन्होंने आज तक पोर्टल पर शिकायत दर्ज नहीं कराई होगी।
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एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर संदिग्ध बैंक खातों की जांच की जा रही है। इसके आधार पर एसबीआई, सितारगंज में खोले गए एक संदिग्ध बैंक खाते जांच की गई जिसे ठगी से आए रुपयों के लिए उपयोग किया गया था। मामले में छह आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की विवेचना की जा रही है।
- बीएस धौनी, सीओ, सितारगंज