दोराहा से रामपुर जा रही प्राइवेट बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गहरे गड्ढे में जाकर पलट गई। हादसे में मासूम सहित तीन लोगों की मौत हो गई। जबकि 30 यात्री घायल हो गए। यात्रियों की चीख पुकार सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने घायलों को बमुश्किल बाहर निकालकर यूपी के स्वार (रामपुर) के सीएचसी और अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया। बताते हैं कि बस में करीब 40 यात्री सवार थे। खबर मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना से आक्रोशित लोगों ने हंगामा किया। इस दौरान अफसरों को खूब खरीखोटी सुनाई।
बृहस्पतिवार को दोपहर साढ़े तीन बजे तेजगति से दोराहा बाजपुर से रामपुर जा रही प्राइवेट बस संख्या डीएलआईपीए 6155 राज्य सीमा से सटे यूपी के गांव नरपतनगर (रामपुर) में सड़क किनारे जाकर गहरे गड्ढे में पलट गई। बस में सवार यात्रियों की चीख पुकार सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने बमुश्किल घायलों को बाहर निकालकर वाहनों से जैसे-तैसे सीएचसी और अन्य निजी अस्पताल पहुंचाया। हादसे में छह वर्षीय बॉबी पुत्र सूरज निवासी बाजपुर के रामराज कालोनी, वफातन पत्नी शकूर अली निवासी स्वार, जहीदा पुत्र हाले निवासी गांव नरपतनगर की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि मृतक बॉबी की माता विमला देवी, किशन, नैना निवासी बाजपुर के राजकालोनी, बुशरा, आसिया, बिलकिश, मदलूब, गरीबदास, भौला, हफीजन, सुगरा निवासी भोट बक्काल रामपुर, नईम जहां, फातिमा, उर्मिला, अकबरी, गुरचरन कौर, खलील निवासी गांव काशीपुर आगा (रामपुर) सहित तीस यात्री घायल हो गए। खबर मिलते ही बाजपुर के नायब तहसीलदार प्रताप राम आर्य, स्वार के एसडीएम अभय कुमार गुप्ता, सीओ शुहेब इकबाल, कोतवाल हरीश, तहसीलदार राजेंद्र पांडे सहित कई अधिकारियों ने मौका मुआयना किया।