नानकमत्ता। स्मैक और नशे के इंजेक्शन की तस्करी में लिप्त महिला को पुलिस टीम ने गिरफ्तार किया तो उसके साथियों ने दो सिपाहियों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। सूचना पर थाने से पुलिस के पहुंचने पर हमलावर फरार हो गए। घायल पुलिसकर्मी की तहरीर पर सात नामजद और 12 अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। घायल पुलिसकर्मियों का सीएचसी में इलाज कराया गया।
मंगलवार देर शाम थानाध्यक्ष केसी आर्य के नेतृत्व में पुलिस टीम ने नानक सागर के पार ग्राम गिधौर में छापा मारकर गुरमीत कौर पत्नी तारा सिंह को स्मैक तथा नशीले इंजेक्शन के साथ गिरफ्तार किया था। उसके कब्जे से स्मैक और नशे के इंजेक्शन बरामद हुए। पुलिस टीम महिला को गिरफ्तार कर थाने लौट गई, जबकि टीम में शामिल कांस्टेबल आसिफ हुसैन और ललित मोहन कांडपाल जरूरी कार्य की वजह से पीछे रह गए। जब दोनों सिपाही अपनी निजी कार से थाने आ रहे थे तो ग्राम बिसौटा में तारा सिंह के तारा सिंह के साथियों ने उन्हें घेर लिया। पुलिसकर्मी उन्हें समझाने उतरे तो उन्होंने उन पर हमला बोल दिया, जिससे दोनों पुलिसकर्मी घायल हो गया।
आरोप है कि उनका कहना था कि पुलिस गांव में बार-बार दबिश देकर उन्हें परेशान कर रही है। सिपाहियों ने तत्काल घटना से थाना पुलिस को अवगत कराया। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे तो आरोपी फरार हो गए।
घायल पुलिसकर्मियों का सीएचसी में इलाज कराया गया। घायल आसिफ हुसैन की तहरीर पर पुलिस ने ग्राम बिसौटा निवासी करनैल सिंह, सर्वजीत सिंह, लवप्रीत सिंह, तरविंदर सिंह उर्फ नीटू, हरजिंदर सिंह उर्फ टुल्ली, गुरदीप सिंह उर्फ देवा तथा करण सिंह के साथ ही 10-12 अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया है।
थानाध्यक्ष केसी आर्य ने बताया कि पुलिस ने दबिश देकर आरोपी करनैल सिंह, सर्वजीत सिंह, लवप्रीत सिंह तथा तरनजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें बृहस्पतिवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
7.70 ग्राम स्मैक और 121 इंजेक्शन बरामद
नानकमत्ता। सीओ बीएस भंडारी ने बताया कि गिधौर गांव से स्मैक की तस्करी करने वाली गुरमीत कौर को पकड़ा है। उसके कब्जे से 7.70 ग्राम स्मैक और नशे के 121 इंजेक्शन बरामद किए गए। इनके अलावा कागज की 50 पुड़िये, 4970 रुपये और अन्य सामान भी जब्त किया गया। गुरमीत कौर के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जिला कारागार भेज दिया गया है।