काशीपुर। बाजपुर की लेवड़ा नदी में बरसात के सीजन में आने वाली बाढ़ से निपटने के लिए सात किलोमीटर लंबा तटबंध बनाने की कवायद शुरू हो गई है। सिंचाई विभाग 18.85 करोड़ की लागत से इस कार्य को पूरा करेगा। तटबंध बनने से हजारों लोगों को बरसात के दिनों में राहत मिलेगी।
बाजपुर की लेवड़ा नदी बरसात के दिनों में विकराल रूप धारण करती है। इससे ग्रामीण क्षेत्र के अलावा शहरी क्षेत्र में भी काफी नुकसान होता है। इस वर्ष भी बाढ़ के कारण कई लोग प्रभावित हुए और बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीमें जुटी थीं। इसके बाद मुख्यमंत्री ने नदी पर तटबंध बनाने के लिए शासनादेश जारी किया था।
सिंचाई विभाग के अवर सहायक अभियंता गौरव पाठक ने बताया कि नदी में सात किमी लंबा तटबंध तैयार किया जाएगा जिसके तहत चैनलाइजेशन, 1640 मीटर का पक्का निर्माण कार्य होगा। निर्माण कार्य इंदिरा कॉलोनी से गुमसानी तक होगा जिसका प्रस्ताव शासन को भेजा जा रहा है।
नदी पर लोनिवि की ओर से चकरपुर और बेरिया रोड पर दो स्पान पुलों का निर्माण किया जाएगा जो पुराने पुलों की जगह लेंगे। बताया कि पुराने पुलों के कारण नदी का पानी रुक जाता था और बाढ़ की स्थिति बनती थी।
निचले इलाकों में जलभराव से मिलेगी निजात
लेवड़ा नदी में बाढ़ आने से बाजपुर क्षेत्र के निचले इलाकों में जलभराव होता है। शहरी क्षेत्र के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में फसलें बाढ़ में बह जाती हैं और घरों में पानी भर जाता है। तटबंध बनने से लोगों को राहत मिलेगी। बीते साल बाढ़ में एक किशोर की जान चली गई और एक तेंदुआ भी बहता नजर आया था।
शहर के साथ चकरपुर और गुमसानी के लोग नहीं होेंगे प्रभावित
लेवड़ा नदी में आने वाली बाढ़ से शहरी क्षेत्र के इंदिरा कॉलोनी, राजीव नगर, मेहता कॉलोनी के लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। इन कॉलोनियों में रहने वाले करीब 4500 लोग इससे प्रभावित होते हैं। इसके अलावा शहर से सटे गांव चकरपुर, गुमसानी के 7000 लोग बाढ़ से प्रभावित होते हैं।
कोट -
बाजपुर की लेवड़ा नदी पर तटबंध बनाने का कार्य किया जाना है। यह कार्य 18.85 करोड़ की लागत से होगा। इसके बाद बाजपुर के लोगों को मिलेगी राहत। - अमित गुप्ता, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग, काशीपुर