रुद्रपुर में किसानों की शिकायत पर फोन पर कमीशन एजेंटों से वार्ता करते नोडल अधिकारी।
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रुद्रपुर। कमीशन एजेंटों के गल्ला मंडी में बुधवार को सिर्फ दो घंटे ही धान खरीदने पर गुस्साए किसानों ने कंट्रोल रूम के नोडल अधिकारी के शिकायत की। उन्होंने कहा कि कमीशन एजेंटों के जल्दी चले जाने से कई किसान अपना धान नहीं बेच पा रहे हैं। इस पर नोडल अधिकारी ने किसानों का करीब 11 हजार क्विंटल धान आवंटित धान मिलों को भिजवाया।
रुद्रपुर गल्ला मंडी में खाद्य विभाग के क्रय केंद्र पर कमीशन एजेंटों की शिकायत करने पहुंचे किसानों ने कहा कि सुबह 10 बजे के बाद उनका धान नहीं बिक पाया। मलसी गांव के एक किसान ने कहा कि वह करीब नौ बजे धान बेचने के लिए गल्ला मंडी पहुंचे थे, लेकिन कुछ दस्तावेज कम पड़ने के कारण उन्हें घर जाना पड़ा। थोड़ी देर बाद जब वह दस्तावेज लेकर लौटे, तो सभी कमीशन एजेंट जा चुके थे।
किसानों ने कंट्रोल रूम के नोडल अधिकारी हेमंत जोशी से इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की मांग की। नोडल अधिकारी ने कुछ कमीशन एजेंटों को फोन पर वार्ता करते हुए निर्धारित समय तक गल्ला मंडी में मौजूद रहने को कहा। उन्होंने किसानों का 11 ट्रालियों से करीब 11 हजार क्विंटल धान कमीशन एजेंटों के पास भिजवाया। नोडल अधिकारी ने बताया कि किसानों और कमीशन एजेंटों के बीच हुए समझौते के अनुसार सुबह नौ से 11 बजे के बीच पहुंचने वाले किसानों का ही धान खरीदा जाएगा, लेकिन कुछ कमीशन एजेंट किसानों का धान खरीदे बगैर ही लौट रहे हैं। बृहस्पतिवार से गल्ला मंडी में पहुंचने वाले कमीशन एजेंटों का नाम व मोबाइल नंबर रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा। रुद्रपुर में करीब 33 कमीशन एजेंट हैं।
इधर, बिगवाड़ा केंद्र पर 361 व फुलसुंगा केंद्र पर 212 क्विंटल धान खरीद हुई। तराई विकास सहकारी संघ के केंद्र पर करीब 250 क्विंटल धान खरीद हुई। कर्मचारियों ने बताया कि तराई विकास सहकारी संघ के खटीमा स्थित कुआंखेड़ा केंद्र पर भी धान खरीद शुरू हो चुकी है।
गल्ला मंडी में धर्मकांटे की सुविधा नहीं
रुद्रपुर। मंडी समिति किसानों को धान खरीद में पर्याप्त सुविधा नहीं दे पा रही है। गल्ला मंडी में किसानों का धान तौलने के लिए धर्मकांटा नहीं है। जिस कारण किसान निजी धर्म कांटों पर धान की ट्रालियों की तौल करवा रहे हैं। किसानों ने कहा कि उनसे धान तौलने के प्रति ट्राली 50 से 60 रुपये लिए जा रहे हैं। साथ ही धान मिल मालिक भी ट्राली में धान की तौल का पैसा ले रहे हैं। (संवाद)