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Uttarakhand: नाबालिग से छेड़छाड़ व मारपीट का आरोपी साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त, 2021 में दर्ज हुआ था मुकदमा

Thu, 13 Aug 2026 07:47 PM IST
Heera अमर उजाला नेटवर्क, ऊधम सिंह नगर

सार

काशीपुर की फास्ट ट्रैक विशेष अदालत ने आईपीसी की धारा 323, 354, 452, 504, 506 और पॉक्सो अधिनियम (धारा 7/8) के तहत चल रहे एक मामले में आरोपी को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त (बरी) कर दिया।
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अदालत का फैसला। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक।
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विस्तार
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काशीपुर में अपर सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय ने धारा 323, 354, 452, 504, 506 आईपीसी एवं 7/8 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के आरोपी को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।

आईटीआई थाना क्षेत्र निवासी 17 वर्षीय एक नाबालिग ने पुलिस को तहरीर सौंपी। इसमें बताया 14 जून 2021 को वह अपने घर पर अकेली थी। इसी दौरान खड़कपुर देवीपुरा निवासी सर्वेश कुमार ने घर में घुसकर उसके साथ छेड़खानी, मना करने पर पीटने व गाली-गलौज और शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने इस मामले में धारा 323, 354, 452, 504, 506 आईपीसी एवं 7/8 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के तहत प्राथमिकी दर्ज की। पुलिस ने आरोपी युवक को 15 जून 2021 को गिरफ्तार कर लिया और 31 जुलाई 2021 को जमानत पर उसे रिहा कर दिया गया।

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इसके बाद अपर सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय रीतेश कुमार श्रीवास्तव की अदालत में मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने साक्ष्य व तर्क प्रस्तुत किए। इसके बाद न्यायालय ने पक्षकारों की संपूर्ण साक्ष्य के मूल्यांकन के बाद पाया कि अभियुक्त के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को प्रमाणित नहीं कर सका। न्यायालय ने आरोपी को दोनों पक्ष की बहस व उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोषमुक्त कर दिया।

 

 

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