घर में खाना तैयार था। मां बच्चों को बुलाने ही वाली थीं। तभी छह वर्षीय मयंक और देव के बारिश के पानी से भरे खाली प्लॉट में डूबने की खबर आ गई। इस हादसे ने दो मेहनतकश परिवारों से उनकी सबसे बड़ी खुशी छीन ली। दुनिया उजड़ने से मां की चीख और सिसकियों ने जिला अस्पताल में हर किसी की आंखें नम कर दीं।
पुष्पक विहार महादेव कॉलोनी के खाली प्लॉट में भरे बारिश के पानी में डूबने से देव (6) और मयंक उर्फ विष्णु (6) की जिंदगी की डोर टूट गई। अस्पताल में बिलखती मयंक की मां रीना बार-बार एक ही बात दोहरा रही थीं- बच्चे स्कूल से आए तो मैंने खाना बनाया था। खाने के लिए बुलाने ही जा रही थी कि मनहूस खबर आ गई। किसी ने बताया कि मयंक डूब गया। यह कहते-कहते उनकी आवाज भर्रा गई और वह बेसुध हो गईं।
रीना ने बताया कि मयंक नर्सरी का छात्र था। परिवार के दो बेटे और एक बेटी हैं। वह और उनके पति मजदूरी कर बच्चों को पढ़ा-लिखाकर बेहतर भविष्य देना चाहते थे। सोचा था कि पढ़-लिखकर बड़ा आदमी बनेगा लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। इतना कहते हुए वह फिर फफक पड़ीं। अस्पताल में दोनों परिवारों के विलाप से ऐसा माहौल बन गया कि वहां मौजूद लोग भी अपने आंसू नहीं रोक सके।
पानी में समाए मेहनतकश परिवारों के सपने
मृतक देव का परिवार मूल रूप से रामपुर जिले के मसवासी (स्वार) का रहने वाला है। रोजगार की तलाश में राजेंद्र कुछ माह पहले पत्नी रजनी और तीन बच्चों के साथ काशीपुर आया था। काम नहीं मिलने पर वह कुछ दिन पहले मजदूरी के लिए दिल्ली चला गया था। देव की मां रजनी बेब्े के गम में बदहवास हो गईं। हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उनके पड़ोस में रहने वाले नन्हे और उनकी पत्नी रीना भी दिहाड़ी मजदूरी कर अपने तीन बच्चों का पालन-पोषण कर रहे हैं। बुधवार दोपहर दोनों परिवारों के छह वर्षीय बेटे घर के पास बारिश के पानी से भरे प्लॉट में नहाने गए और गहरे गड्ढे में डूब गए।
अनदेखी को ठहराया जिम्मेदार
रीना ने हादसे के लिए खाली भूखंड में बने गहरे गड्ढों और उनमें भरे बारिश के पानी की अनदेखी को जिम्मेदार ठहराया। उनका आरोप है कि यदि समय रहते सुरक्षा के इंतजाम किए गए होते तो यह हादसा टाला जा सकता था। उन्होंने भूखंड स्वामी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि किसी और परिवार को ऐसा दर्द न झेलना पड़े।
कोट
खाली प्लॉट में बने गहरे गड्ढे में भरे पानी में दो बच्चों के डूबने के मामले की प्रशासन जांच कर रहा है। खाली प्लॉट में इस तरह पानी जमा रहने के लिए भूखंड स्वामी की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।
-पंकज चंदोला, तहसीलदार, काशीपुर