रुद्रपुर। शहर के करीब आधा दर्जन बारात घर आग कहीं आग के शोलों से तो नहीं घिर जाएंगे। वर्तमान हालात तो यही बयां कर रहे हैं। क्योंकि कोई भी बारात घर सुरक्षित नहीं है। बारात घर बनाने में करोड़ों रुपये खर्च करने वाले लोगों ने फायर विभाग से एनओसी तक नहीं ली है। जिन बारात घरों के पास एनओसी है, वह भी अग्नि सुरक्षा के प्रति लापरवाह है। बावजूद इसके फायरब्रिगेड विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। शहर में घराती एवं बारातियों को आकर्षित करने के लिए बारात घर सज गए हैं। चमक दम वाले बारात घरों में विवाह समारोह संपन्न कराना स्टे्टस का सिंबल बन गया है। वैसे भी जगह के अभाव और मेहमानों के स्वागत के दौरान आने वाले झंझटों से छुटकारा पाने के लिए लोग बारात घरों का ही सहारा ले रहे हैं। इसका फायदा बारात घर स्वामियों को हो रहा है। मगर बारात घर स्वामियों को बारातियों और घरातियों की जिंदगी से कोई लेना देना नहीं है। शहर में बिना पंजीकरण के ही चलने वाले बारात घरों के साथ ही ऐसे भी कई बारात घर हैं, जहां न तो अगिभन सुरक्षा के उपकरण लगे हैं और न ही फायर विभाग से एनओसी ही ली है। जिन बारात घरों के पास एनओसी है, वे भी अगिभन सुरक्षा के प्रति लापरवाह बने हुए हैं।
एफएसओ नरेंद्र सिंह कुंवर ने बताया कि शहर में कई ऐसे बारात घर हैं, जिनके पास न तो एनओसी है और न ही अगिभन सुरक्षा के उपकरण। बताया कि कुछ ऐसे भी बारात घर है, जहां पर अगिभन सुरक्षा उपकरण तो लगे हैं, लेकिन उनके पास एनओसी नहीं है। ऐसे बारात घरों का निरीक्षण कर शीघ्र ही नोटिस दिया जाएगा।
बारात घर के लिए मानक
- सड़क से 20 मीटर की दूरी पर बारात घर होना चाहिए
- नेशनल बिल्डिंग कोड के अनुरूप तैयार हो भवन
- भवन के पीछे का हिस्सा छह मीटर की दूरी पर खुला हो
- विद्युतीय उपकरण अगिभनरोधी प्रकार के होने चाहिए
- बारात घर में छह मीटर की चौड़ाई के दो गेट होना अनिवार्य
- आठ से लेकर 15 अगिभनशमन यंत्र होना जरूरी है
- दुर्घटना से बचने के लिए आपातकालीन गेट बने हो