खटीमा। पुलिस ने रोहित हत्याकांड का खुलासा कर तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। जबकि एक आरोपी फरार है। सीओ जेएस पांगती ने बताया कि रोहित अपनी चाची की संपत्ति को हड़पना चाहता था और इसमें बाधक बनने वालों को ठिकाने लगाना चाहता था। इसके लिए उसने सुपारी भी तय की मगर सुपारी के पैसे देने के बजाय रोहित इस योजना में शामिल लोगों को ही फंसाने की धमकी देने लगा। पुलिस का कहना है कि रोहित की इस योजना में शामिल युवकों ने ही उसकी हत्या की।
मुडे़ली निवासी रोहित एक नवंबर को लापता हो गया था। 14 नवंबर को उसकी लाश बरामद हुई थी। जांच में जुटी पुलिस रोहित की कॉल डिटेल के आधार पर हत्यारों तक पहुंची। पुलिस ने भुजिया नंबर तीन निवासी प्रवीन चंद को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। इसके बाद विरेंद्र सिंह ठाकुर और उसके मामा इंद्रमोहन सिंह को भी दबोच लिया। पूछताछ में तीनों ने हत्या की पूरी कहानी बयां कर दी। कोतवाली में हत्याकांड का खुलासा करते हुए सीओ जेएस पांगती ने बताया कि विरेंद्र को पैसे की जरूरत थी। इसके लिए वह रोहित के पास गया तो रोहित ने उसके सामने दो लोगों को मारने की सुपारी देने की बात कही। सुपारी करीब डेढ़ करोड़ में तय हो गयी। रोहित ने जब सौदे की न तो एडवांस राशि दी और न ही रिवाल्वर उपलब्ध कराया तो विरेंद्र ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर रोहित को बुलाया। उन्होंने रोहित से एडवांस राशि देने को कहा। मगर रोहित उन्हें फंसाने की धमकी देने लगा। फंसने की डर से चारों ने मिलकर रोहित की गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या में शामिल चौथा आरोपी नौगवां भूड़ निवासी नरेंद्र सिंह बिष्ट है।
सीओ ने बताया कि रोहित अपनी चाची की जायदाद पर कब्जा करना चाहता था। मामले का खुलासा करने वाली टीम में एसओजी के कमला खान, राजकुमार, मोहम्मद यामीन, राकेश सकलानी, उमेश कुमार व पुलिस के एसएसआई भगवती प्रसाद बिष्ट, एसआई गोपाल सिंह बिष्ट थे।