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मनरेगा से मिली कीरतपुर के 20 परिवारों को आजीविका

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रुद्रपुर के कीरतपुर गांव में लाभार्थी के घर बनाया गया मुर्गी बाड़ा। - फोटो : RUDRAPUR
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रुद्रपुर। कीरतपुर गांव के 20 परिवारों को मनरेगा कंवर्जेंस से आजीविका कलस्टर के साथ जोड़ा गया है। मनरेगा से आठ लाख रुपये खर्च कर 20 लाभार्थियों के घर के पीछे मुर्गी बाड़ा बनाया गया है। इससे लाभार्थी स्वरोजगार कर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं।
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असंगठित लोगों को मनरेगा में दिहाड़ी मजदूरी देने के साथ ही अब गरीब तबके के लोगों को स्वरोजगार भी देना शुरू कर दिया गया है। मनरेगा कंवर्जेंस के जरिये संबंधित विभाग से मिलकर लोगों को स्वरोजगार दिया जा रहा है। कीरतपुर गांव के लोगों को मुर्गी पालन करने के लिए मनरेगा की ओर से आठ लाख 42 हजार 800 रुपये खर्च कर 20 लोगों के घर मुर्गी बाड़े बनाए गए हैं। पशुपालन विभाग की ओर से बैकयार्ड (घर के पीछे) कुक्कट पालन योजना के तहत 20 लोगों को 1000 चूजे निशुल्क दिए गए हैं। इसके साथ ही लाभार्थियों को एक जाली, चूजों का एक हफ्ते का खाना व दवाइयां दी गईं हैं।
वरिष्ठ पशु चिकित्सक राजीव सिंह ने बताया कि बैकयार्ड कुक्कुट पालन के तहत अनुसूचित जाति व जनजाति के लोगों को निशुल्क चूजे दिए जाते हैं। इस बार मनरेगा की ओर से प्रत्येक लाभार्थी के घर 42,140 रुपये खर्च कर मुर्गी बाड़ा बनाया गया है। डीडीओ डॉ. महेश कुमार ने बताया कि अब मनरेगा से लोगों की आजीविका में भी सुधार किया जा रहा है। इससे लोग स्वरोजगार कर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं।
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