बाल विवाह, दुष्कर्म के दोषी को 20 साल कैद की सजा
तीन साल पहले खटीमा एक नाबालिग को भगा ले जाने के आरोपी को एफटीएससी कोर्ट में सुनवाई के बाद अपर जिला सत्र न्यायाधीश ने दोषी करार दिया और 20 साल कारावास और 50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। 16 मई 2021 को खटीमा क्षेत्र की एक महिला ने कोतवाली में तहरीर देकर कहा था कि 11 मई की रात खाना खाकर वह अपनी नाबालिग बेटी के साथ सो गई थी। सुबह उठकर देखा तो बेटी घर से गायब मिली। काफी खोजबीन के बाद भी कोई सुराग नहीं लगा।
पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच पड़ताल की और विवेचक महिला दरोगा ने एक अगस्त 2021 को ग्राम लुओरी निवासन खीरी यूपी निवासी विक्रमजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से नाबालिग भी बरामद हुई थी। पुलिस ने आरोपी को बाल विवाह, दुष्कर्म करने सहित कई धाराओं में जेल भेजा था।
मामले की सुनवाई एफटीएससी अपर जिला सत्र न्यायधीश संगीता आर्य की कोर्ट में हुई। यहां विशेष लोक अभियोजक ने छह गवाह पेश कर विक्रमजीत सिंह पर दोष सिद्ध कर दिया। इस पर कोर्ट ने विक्रमजीत सिंह को 20 साल कठोर कारावास और 50 हजार रुपये का अर्थदंड देने की सजा सुनाई। साथ ही अर्थदंड में से 40 हजार रुपये के साथ ही प्रशासन की ओर से पीड़िता को एक लाख की प्रतिकर धनराशि देने के आदेश दिए।