नरेंद्रनगर ब्लाक के ग्राम पसर में गुलदार ने एक व्यक्ति पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने वन विभाग के प्रति कड़ा रोष जताया है। ग्रामीणों ने गुलदार को ढेर करने के लिए शूटर तैनात करने की मांग की। मौके पर पहुंचे डीएम और डीएफओ ने ग्रामीणों को सांत्वना देते हुए गुलदार को पकड़ने के लिए शीघ्र ही पिंजरा लगाने का आश्वासन दिया। वन विभाग ने मृतक के परिजनों को त्वरित राहत के तहत 1.20 लाख रुपये देकर मुआवजा राशि शीघ्र देने का आश्वासन दिया।
पसर गांव के लोगों ने बताया कि सोमवार की सुबह करीब साढ़े छह बजे राजेंद्र सिंह (54) अपने घर के आंगन में था। तभी घात लगाए गुलदार ने उस पर हमला कर मौत के घाट उतार दिया। गांव के लोगों ने घर के बाहर जब खून बिखरा देखा, तो राजेंद्र सिंह की खोजबीन शुरू कर उसे घर से करीब दो सौ मीटर दूर खाई में उसका शव मिला। गुलदार के हमले में एक व्यक्ति की मौत की खबर मिलने पर डीएफओ नरेंद्रनगर और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वहां उन्हें ग्रामीणों के गुस्से का सामना करना पड़ा। पूर्व मंत्री लखीराम जोशी और पूर्व प्रधान जोत सिंह रावत ने कहा कि पहले भी आसपास के गांवों में गुलदार का खौफ बना हुआ था। वन विभाग की लापरवाही के कारण एक व्यक्ति को जान गवांनी पड़ी। ग्रामीणों की मांग पर डीएफओ ने कैमरा लगाकर गांव में दो शूटर तैनात किए। मौके पर पहुंची डीएम इवा आशीष श्रीवास्तव ने पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए वन विभाग को निगरानी बढ़ाने और बच्चों को स्कूल भेजने के लिए बस लगाने और गुलदार को ढेर करने के लिए शूटर तैनात करने के निर्देश दिए। डीएफओ राजीव धीमान ने बताया कि मृतक आश्रितों को एक लाख 20 हजार रुपये की राहत दी गई है। मुआवजा राशि भी शीघ्र दी जाएगी। एसडीएम देवेंद्र नेगी ने बताया कि मृतक वाहन चालक था। बहन के साथ पसर गांव में रहता था।