प्राविधिक शिक्षा निदेशालय की लापरवाही ओखलाखाल प्रतापनगर पालीटेक्निक के छात्र-छात्राओं पर भारी पड़ रही है। ओखलाखाल पालीटेक्निक के छात्र-छात्राओं को परीक्षा देने के लिए 250 किमी दूर पित्थूवाला देहरादून जाना पड़ रहा है। इस अव्यवस्था से छात्राएं खासे परेशान हैं।
प्रतापनगर क्षेत्र के युवाओं को तकनीकी शिक्षा मुहैया कराने के लिए वर्ष 2013 में ओखलाखाल प्रतापनगर में पालीटेक्निक की स्थापना की गई थी। उस वक्त क्षेत्र के लोगों को उम्मीद थी कि अब उनके बच्चों को तकनीकी शिक्षा लेने के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
ओखालाखाल पालीटेक्निक में वर्तमान में सिर्फ सिविल ट्रेड चल रहा है, जिसमें 30 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। प्रथम और द्वितीय वर्ष की परीक्षाएं कॉलेज में ही आयोजित की गई। फाइनल वर्ष की परीक्षा देने के लिए कुछ दिन पहले ही प्राविधिक शिक्षा निदेशालय ने छात्र-छात्राओं को पित्थूवाला पालीटेक्निक जाने का फरमान सुनाया है।
आगामी जून में पालीटेक्निक फाइनल ईयर के छात्र-छात्राओं की परीक्षा होनी है। छात्र-छात्राओं के परीक्षा से ठीक एक माह पहले ओखालाखाल से 250 किमी दूर पित्थूवाला देहरादून पालीटेक्निक भेज दिया गया है।
अभिभावक इस बात को लेकर परेशान हैं कि छात्र-छात्राओं को पित्थूवाला में आवासीय व्यवस्था में दिक्कत होगी। छात्र-छात्राओं को पित्थूवाला पालीटेक्निक भेजने से अभिभावकों पर अधिक खर्च का बोझ भी बढ़ गया है।
अभिभावकों का कहना है कि राजनीतिक लाभ लेने के लिए सिर्फ पालीटेक्निक खोले जा रहे हैं। तीन वर्षों से ओखालाखाल पालीटेक्निक इंटर कॉलेज के भवन पर संचालित हो रहा है।