नई टिहरी। व्यवसाय बढ़ाने के लिए लिया गया ऋण लौटाने के लिए पांच साल बाद दिया गया चेक बाउंस होने पर अदालत ने आरोपी को तीन माह का साधारण कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने 85 हजार रुपये का अर्थदंड लगाकर पांच हजार रुपये प्रतिवादी को अदा करने और पांच हजार रुपये अर्थदंड के रूप में राजकोष में जमा करने के निर्देश दिए हैं। धनराशि जमा नहीं करने पर आरोपी को एक माह अतिरिक्त सजा भुगतने के आदेश दिया गया है।
परिवादी जनहितकारी संस्था के अध्यक्ष गोविंद सिंह रावत ने न्यायालय में वाद दर्ज कर बताया कि अभियुक्त होशियार सिंह निवासी उडरी धनारी उत्तरकाशी ने जनहितकारी संस्था से अपना व्यवसाय बढ़ाने के लिए अप्रैल 2015 में 40 हजार रुपये का ऋण लिया था। ऋण की अदायगी के लिए अभियुक्त ने 3000 रुपये मासिक किस्त के रूप में मय ब्याज के अदा करना था, लेकिन चार साल बाद भी अभियुक्त ने किस्त का भुगतान नहीं किया।
उसके बाद जुलाई 2019 को अभियुक्त को धनराशि जमा करने के लिए नोटिस भेजा गया। उसके बाद आरोपी ने संस्था को जनवरी 2021 में अवशेष धनराशि 75,971 का चेक प्रदान किया। परिवादी ने वह चेक आहरण के लिए बैंक में जमा कराया, लेकिन 29 जनवरी 2021 को वह चेक संबंधित खाते में पर्याप्त धनराशि नहीं होने के कारण अनादरित कर लौटा दिया गया।
उसके बाद आरोपी को फिर से नोटिस भेजा गया। बावजूद उसने ऋण ली गई धनराशि का भुगतान नहीं किया। इससे अभियुक्त के खिलाफ वाद दाखिल किया है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट/अपर सिविल जज (सीडि) आफिया मतीन की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अभियुक्त होशियार सिंह को दोषी पाते हुए तीन माह साधारण कारावास सजा और अर्थदंड से दंडित किया है।