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Tehri News: फोटो मजदूरों और घोड़े-खच्चरों के लिए नहीं है व्यवस्था

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दिनेश रावत
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यमुनोत्री। चारधाम के पहले तीर्थ धाम यमुनोत्री के छह किमी पैदल मार्ग पर हजारों मजदूर, बेजुबान जानवर कंधों और पीठ पर श्रद्धालुओं को ढोकर करोड़ों का कारोबार करते हैं। साथ ही करीब पौने तीन करोड़ रुपये का राजस्व सरकार को भी जमा करते हैं। लेकिन आज तक कि इन मजदूरों और बेजुबानों के लिए खड़े होने बैठने के लिए सुरक्षित और पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।

यमुनोत्री धाम की छह किमी पैदल मार्ग पर श्रद्धालुओं की आवाजाही की व्यवस्था जिला पंचायत कुली एजेंसी संचालकों के माध्यम से पीपीपी मोड से करती है। इस बार जिला पंचायत ने कुली एजेंसी करीब पौने तीन करोड़ रुपये में ठेका सिस्टम पर दी है। इसको करीब 70 लोगों का ग्रुप संचालित करता है और इनके अधिनस्थ करीब सात से आठ हजार मजदूर घोड़े खच्चर संचालक रहते हैं। जोकि श्रद्धालुओं को युमनोत्री धाम की आवाजाही करवाते हैं।
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इस वर्ष पालकी पर 10 हजार रुपये, घोड़े खच्चर 2500, पीठू 2500 की दर से श्रद्धालुओं को यमुनोत्री धाम की आवाजाही करवाते हैं। इस पर क्रमश: 500, 120, 120 रुपये जिला पंचायत की कुली एजेंसी संचालक मजदूरों से प्रति चक्कर सुविधा शुल्क वसूल करती है।
इसके अलावा पंजीकरण के नाम पर 500 रुपये पर मजदूरों से एक बार वसूल किए जाते हैं। कुली एजेंसी से जुड़े मजदूर मोहन लाल, राकेश, प्रवेश, सुमन, जयेंद्र, राकेश, संजय आदि का कहना है कि मजदूरों से जिला पंचायत को पंजीकृत करने के नाम पर व सुविधा शुल्क वसूल करता है लेकिन सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं है। इस कारण कई बार बरसात में मजदूरों और मवेशियों के लिए खतरा बना रहता है।
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कोट,,,,,,,
यमुनोत्री पैदल मार्ग पर मजदूरों के लिए और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने को लेकर जिला पंचायत से बात कर जल्द की व्यवस्था करवाई जाएगी। -मुकेश चंद्र रमोला, एसडीएम, बड़कोट
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