संवाद न्यूज एजेंसी
नई टिहरी। भागीरथीपुरम के बागी में जल्द ही देहरादून के झांझरा की तर्ज पर साइंस सेंटर बनाया जाएगा। प्रदेश सरकार की ओर से बागी में साइंस सेंटर बनाने की स्वीकृति दी गई है। साइंस सेंटर निर्माण में लगभग 30 करोड़ की धनराशि खर्च की जाएगी। निर्माण कार्य शुरू होने के तीन-चार साल में बनकर तैयार हो जाएगा। तकनीकी क्षेत्र के छात्र-छात्राओं और शोधार्थियों के लिए साइंस सेंटर मील का पत्थर साबित होगा।
उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद यूकॉस्ट की पहल पर टिहरी के बागी गांव में साइंस सेंटर की स्थापना की जाएगी। डीएम मयूर दीक्षित ने बताया साइंस सेंटर बनाने के लिए बागी गांव में 1़ 2 हेक्टेयर सरकारी भूमि का चयन कर यूकॉस्ट के नाम पर हस्तांतरण करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के साथ साइंस सेंटर पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र भी होगा।
इससे नई टिहरी शहर और आसपास गांव के लोगों को इसका लाभ मिलेगा। देहरादून और अल्मोड़ा जिले में साइंस सेंटर पहले से बने है। चंपावत में साइंस सेंटर का निर्माण कार्य चल रहा है। आगामी कुछ वर्षों में टिहरी के बागी गांव में साइंस सेंटर बनकर तैयार हो जाएगा।
टिहरी विधायक किशोर उपाध्याय ने कहा कि भागीरथीपुरम में पहले से ही हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज संचालित हो रहा है, मेडिकल कॉलेज के लिए भागीरथीपुरम के समीप इणियां में भूमि चयनित कर दी गई है। साइंस सेंटर बनने से भागीरथीपुरम, कोटी कॉलोनी और नई टिहरी शहर को भविष्य में इसका लाभ मिलेगा। विधायक ने साइंस सेंटर की स्वीकृति पर मुख्यमंत्री धामी का आभार जताया है।
यूकॉस्ट के निदेशक डॉ़ डीपी उनियाल ने बताया कि टिहरी में साइंस सेंटर के लिए बागी गांव के समीप भूमि चयनित की गई है। साइंस सेंटर के निर्माण में लगभग 30 करोड़ का खर्च आएगा। साइंस सेंटर छात्र-छात्राएं और शोधार्थियों के लिए मील का पत्थर साबित होगा। विज्ञान को सरलता से समझने के लिए यह महत्वपूर्ण केंद्र होगा। साइंस सेंटर में जलवायु परिवर्तन, रिन्युअल एनर्जी, आपदा प्रबंधन आदि को प्रमुखता दी जाएगी।