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सिंचाई के लिए पानी न मिलने पर सिल्यारा गांव की महिलाओं का फूटा गुस्सा

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धान की रोपाई के लिए सिल्यारा सिंचाई नहर से पानी नहीं मिलने से आक्रोशित गांव की महिलाओं का बुधवार को गुस्सा फूटा पड़ा। महिलाओं ने घनसाली-बुढ़ाकेदार मोटर मार्ग पर जाम लगाने के साथ ही बालगंगा तहसील में प्रदर्शन किया। तहसीलदार और सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता के आश्वासन पर महिलाओं ने धरना स्थगित किया।
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बुधवार को सिल्यारा गांव की महिलाएं ग्राम प्रधान सुमित्रा देवी के नेतृत्व में जुलूस की शक्ल में बालगंगा तहसील मुख्यालय पहुंचीं। तहसील के समीप ही महिलाएं घनसाली-बूढ़ाकेदार मोटर मार्ग पर धरने पर बैठ गई। इस दौरान उन्होंने सिंचाई विभाग और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरना स्थल पर पहुंचे तहसीलदार महेशा शाह और सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता अनिल कुमार ने महिलाओं से वार्ता की। आंदोलनरत महिलाओं को आश्वासन दिया कि नहर पर सुचारु रूप से पानी चलने के लिए विभाग की ओर से दो बेलदारों को नियुक्त किया गया है। महिलाओं ने कहा कि नहर पर पानी नहीं चलने के कारण धान की पौध सूख कर बर्बाद हो गई।
सिल्यारा नहर पर चलने वाले पानी से चमोल, कोठगा के साथ-साथ सिल्यारा गांव के लोग धान की रोपाई करते थे, लेकिन दो गांव के लोग सिल्यारा गांव तक नहर से पानी नहीं पहुंचने दे रहे हैं। जबकि पूर्व में लिखित समझौता भी हुआ था। तहसीलदार ने आश्वासन दिया कि समझौते के अनुसार सिल्यारा गांव को नियमित सिंचाई के लिए पानी मिलता रहेगा। समझौते का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। प्रदर्शनकारियों में संतोषी देवी, कृष्णा, राधा, मनीषा देवी, कैलाशी देवी, शोभा देवी, भगवानी देवी, विमला देवी, सीमा देवी, प्रर्मिला देवी, रजनी देवी, हिमा देवी, राजकुमारी, विक्रा देवी आदि शामिल रही।
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