कोरोना की संभावित तीसरी लहर को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिया। कहा कि सावधानी और सतर्कता से ही कोरोना से बचा जा सकता है। कहा कि संभावित तीसरी लहर से पहले अस्पतालों में चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ, बेड, दवाइयां, आईसीयू से लेकर अन्य उपकरणों की पर्याप्त व्यवस्था हो जानी चाहिए।
जिला अस्पताल बौराड़ी में आयोजित प्रशिक्षण में चिकित्सकों, हिमालय अस्पताल के स्टाफ को कोरोना बचाव की जानकारी दी गई। बताया कि कोरोना की तीसरी लहर बच्चों के लिए ज्यादा घातक बताई जा रही है। इससे निपटने के लिए स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. संजय जैन ने कहा कि विशेषज्ञ मान रहे हैं कि कोरोना की तीसरी लहर भी आ सकती है, जो 18 वर्ष तक को संक्रमित कर सकती है। बाल रोग विशेषज्ञ डा. सुनीता ने कहा कि यदि कोरोना की तीसरी लहर आती है, तो उसमें ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। इस मौके पर एसीएमओ डा. एलडी सेमवाल, डा. बीएस रावत, सीएमएस डा. अमित राय, दर्मियान सिंह, अर्जुन रावत, अनिल बिजल्वाण, विवेक बागडी आदि मौजूद थे।