टेरी स्कूल ऑफ एडवांस स्टडीज नई दिल्ली की ओर से खाड़ी में पेयजल स्रोतों के संरक्षण एवं संवर्द्धन पर दो दिवसीय कार्यशाला शुरू की गई, जिसमें विशेषज्ञों ने ग्रामीणों को प्राकृतिक स्रोतों को दोबारा रिचार्ज करने की जानकारी दी।
शनिवार को डीएवी पीजी कालेज देहरादून और जल संस्थान देहरादून के संयुक्त पहल पर उत्तराखंड जागृति संस्थान खाड़ी में आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ नरेंद्रनगर ब्लाक प्रमुख राजेंद्र भंडारी ने किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में पुराने सूख चुके प्राकृतिक पेयजल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के लिए प्राकृतिक, पारंपरिक और तकनीकी तरीकों का समावेश जरूरी है। टेरी-सेस नई दिल्ली के मुख्य डा. विनय सिन्हा ने बताया कि उत्तराखंड के विभिन्न स्थानों में चयनित सूख चुके पेयजल स्रोतों का विस्तृत सर्वे और जियोफिजीकल जांच की जाएगी। टेरी नई दिल्ली के विशेषज्ञ सौरभ भारद्वाज ने कहा कि वैश्विक गर्मी का प्रकोप भारत सहित उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में भी दिख रहा है। इस मौके पर मनोज पांडे, दुलारी देवी, उत्तराखंड जन जागृति संस्थान के अध्यक्ष अरण्य रंजन, कार्यशाला समन्वयक डॉ प्रशांत सिंह आदि मौजूद थे।