पर्यावरण संरक्षण के लिए गांव में अनेकों लोग पौधरोपण अभियान चलाकर बेहतर काम कर रहे हैं, लेकिन कंक्रीट के शहर में सड़क किनारे पौध लगाकर आठ सालों से उनके संरक्षण जुटे सुंदर सिंह रावत ने नई मिसाल पेश की है। रावत ने बौराड़ी के 8 सी मार्ग को जाने वाली सड़क किनारे विभिन्न प्रजाति के 51 से अधिक पौध लगाने के साथ ही उनकी देखभाल भी की है।
पुनर्वासित शहर में नई टिहरी, बौराड़ी, भागीरथीपुरम में वन विभाग ने मुख्य सड़कों के किनारे पौधरोपण किया है, लेकिन शहर के आंतरिक मार्गों पर पौधे नहीं लगाए हैं। बावजूद पुरानी टिहरी से बौराड़ी में विस्थापित हुए 70 वर्षीय सुंदर सिंह रावत ने फल संरक्षण कार्यालय को जाने वाले 8 सी बौराड़ी मार्ग को हराभरा बनाने के लिए पौधरोपण की मुहिम 2014 में छोटे से प्रयास से शुरू की थी। वह तब से निरंतर सड़क के किनारे खाली स्थान पर पौध लगाकर उन्हें संरक्षित करने का भी काम कर रहे हैं।
सुंदर सिंह रावत ने वटवृक्ष, पीपल, रूद्राक्ष, आम समेत विभिन्न प्रजाति के 51 पौध लगा चुके हैं। साथ ही उन्होंने आसपास फूल की नर्सरी भी बनाई है। इस मुहिम की स्थानीय लोग खूब सराहना कर रहे हैं। सुंदर सिंह का कहना है कि पर्यावरण संरक्षण तब ही हो सकता है, जब हर व्यक्ति अपने-अपने स्तर से इसकी चिंता करें। वन क्षेत्राधिकारी आशीष डिमरी का कहना है कि बौराड़ी निवासी सुंदर सिंह ने अपने आसपास की खाली भूमि कर पौधरोपण का बेहतर काम किया है।