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सैन्य सम्मान के साथ शहीद प्रवीन को दी अंतिम विदाई

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घनसाली के पुंडोली गांव में शहीद प्रवीन सिंह के पार्थिक देह लेकर पहुंचे सेना के जवान। - फोटो : NEW TEHRI
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देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले गढ़वाल राइफल के जवान शहीद प्रवीन सिंह को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। सेना के जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। शहीद के अंतिम दर्शन के लिए लोगों की खूब भीड़ उमड़ी। इस दौरान लोगों ने शहीद के जयकारों के साथ पाकिस्तान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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पुंडोली का बेटा प्रवीन सिंह बृहस्पतिवार तड़के आतंकियों के खिलाफ चलाए गए आपरेशन के दौरान हुए आईईडी धमाके में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें आर्मी अस्पताल में भर्ती किया गया, लेकिन वहां उन्होंने दम तोड़ दिया। शुक्रवार शाम को शहीद का पार्थिव शरीर जौलीग्रांट हवाई अड्डे से रायवाला आर्मी हेडक्वार्टर पहुंचाया गया। शनिवार सुबह सेना के वाहन से शहीद का पार्थिव शरीर सुबह साढ़े नौ बजे घनसाली पहुंचा। सेना का वाहन पहुंचते ही भिलंगना घाटी शहीद के जयकारों से गूंज उठी। करीब 10.30 बजे जैसे ही प्रवीन का पार्थिव शरीर घर पहुंचाया गया, तो वहां परिजनों में चीख-पुकार मच गई।
शहीद की मां दीपा देवी और पत्नी अमिता देवी ताबूत पर लिपट कर रोने लगीं। पिता रिटायर्ड सूबेदार प्रताप सिंह गुसाईं परिजनों को संभालने का प्रयास करते रहे। विधायक शक्ति लाल शाह ने शहीद के शव को नमन करते हुए कहा कि प्रवीन की शहादत को हमेशा याद रखा जाएगा। अपराह्न करीब एक बजे शहीद की अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हुए। शिवपुरी घाट पर सेना के जवानों ने उन्हें गॉर्ड ऑफ ऑनर और पुष्पचक्र अर्पित कर तिरंगा शहीद के पिता प्रताप सिंह को सौंपा।
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शहीद की अंतिम यात्रा में टिहरी विधायक किशोर उपाध्याय, डीएम इवा आशीष श्रीवास्तव, एसएसपी नवनी सिंह भुल्लर, कर्नल मुकेश प्रसाद, ब्लाक प्रमुख बसुमति घणाता, एसडीएम केएन गोस्वामी, भाजपा जिलाध्यक्ष विनोद रतूड़ी, जिला पंचायत सदस्य रघुवीर सजवाण, सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल जीएस चंद सहित कई शामिल हुए।
फोन पर पापा की फोटो निहारता रहा नन्हें वंश
शहीद प्रवीन सिंह का छह साल का बेटा वंश को पता ही नहीं है कि उसके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया है। घर में सांत्वना देने के लिए कई लोग पहुंच कर वंश को दुलार रहे थे। मां और दादी की आंखों में आंसू देखकर वंश भी रोने लगता। वह मोबाइल फोन पर पापा की तस्वीर देख रहा था। वहां मौजूद हर कोई वंश को दुलार रहा था।
शोक में रहा बाजार बंद
घनसाली व्यापार मंडल ने शहशोक में बाजार बंद रखा। सुबह करीब साढ़े नौ बजे जैसे ही शहीद का पार्थिव शरीर लेकर सेना का वाहन वहां पहुंचा बड़ी संख्या में एकत्रित व्यापारी और स्थानीय लोगों ने पार्थिव शरीर पर फूल बरसाए। लोगों ने शहीद सैनिक जिंदाबाद, भारत माता की जयकारे लगाते हुए आतंक का पर्याय बने पाकिस्तान के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए गुस्सा निकाला।
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