आलू बोने वाले किसानों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सूडी कीट ने आलू की फसल बर्बाद कर दी है। हालत यह है कि पौखाला क्षेत्र में सूडी कीट से अब तक 80 फीसदी से अधिक आलू के पौधे सूख चुके है। उद्यान विभाग ने भी इस मामले में हाथ खड़े कर दिए हैं।
भिलंगना ब्लॉक के पौखाल, स्यालकुंड, खालपाली, कोटी, मगौरो, कांडीखाल आदि गांवों में निवासरत किसानों की आर्थिकी का प्रमुख साधन आलू उत्पादन है। लगभग 600 नाली भूमि पर किसान प्रति वर्ष आलू की खेती करते है। क्षेत्र में लगभग 400 से लेकर 500 मीट्रिक टन आलू का उत्पादन होता है।
इस साल सूडी कीट लगने से किसानों की पेशानी पर बल है। किसान भगवान सिंह रावत ने बताया कि सूडी कीट आलू के पौधों और शाखाओं के उगते भाग को काट दे रहा है। रात में यह कीट पौधों को अधिक नुकसान पहुंचा रहा है। अगले महीने आलू की खुदाई होनी थी।
पौखाल क्षेत्र के किसानों ने समय पर आलू में कीट लगने की जानकारी नहीं दी। अब फसल अधिक बर्बाद हो गई है। ऐसे में कीट से बचाव के लिए अब अमोनियम सल्फेट और इमिडाक्लोप्रिड का छिड़काव करना उचित नहीं है। अभी तक सूडी कीट सिर्फ पौखाल क्षेत्र के आलू के खेतों में ही लगा है।
-डॉ. डीके तिवारी, जिला उद्यान अधिकारी