सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कंडीसौड़ में डॉक्टरों की तैनाती करने, एक्सरे और अल्ट्रासाउंड सेवा शुरू करने की मांग को लेकर स्थानीय लोग मुखर हो उठे है। मांग के समर्थन में शनिवार को लोगों ने अस्पताल परिसर में धरना दिया। 15 मार्च से डॉक्टरों की तैनाती की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की चेतावनी दी। अस्पताल में कार्यरत चारों डॉक्टरों को एक साथ हरिद्वार कुंभ मेला ड्यूटी में भेजने पर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया।
कंडीसौड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कंडीसौड़ में चार डॉक्टर कार्यरत हैं, लेकिन पिछले माह चारों डॉक्टरों को कुंभ ड्यूटी में हरिद्वार भेज दिया गया है। डॉक्टरों की तैनाती करने, एक्सरे और अल्ट्रासाउंड सेवा शुरू करने की मांग को लेकर स्थानीय लोगों ने रविवार को अस्पताल परिसर में धरना दिया। इस दौरान प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कहा डॉक्टर न होने के कारण स्थानीय लोगों को अस्पताल से बुखार तक की दवाई नहीं मिल पा रही है। सबसे अधिक समस्या गर्भवती महिलाओं को उठानी पड़ रही है। प्रसव और स्वास्थ्य परीक्षण के लिए महिलाओं को 90 किमी दूर नई टिहरी या फिर देहरादून जाना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अस्पताल में धरने पर बैठने की सूचना पर तहसीलदार माधवानंद उनियाल वहां पहुंचे। स्थानीय लोगों ने उन्हें डॉक्टरों की तैनाती की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। जल्द मांग पर कार्रवाई न होने पर 15 मार्च से अनिश्चित कालीन धरना शुरू करने की चेतावनी दी। तहसीलदार ने आश्वासन दिया कि वे उच्च अधिकारियों तक मांग पत्र भेजेंगे।
धरना देने वालों में भारत बिष्ट, व्यापार सभा अध्यक्ष सुमेर सिंह पंवार, मदन सिंह गुनसोला, सोवन सिंह कुमांई, पूनम सिंह गुसाईं, भूपेंद्र सिंह गुसाईं, सुमेर सिंह पंवार, अनिल बनानी, दीपचंद रमोला, प्रवीण रमोला, प्रेमलाल भट्ट, सुमेर सिंह रावत, पवन राणा, जयवीर कुमाईं सुमन सिंह गुसाईं, प्रेम प्रकाश, जगबीर सिंह, वासुदेव खंडूरी, पवन राणा बैठे रहे।
इस बाबत सीएमओ डॉ. सुमन आर्य ने बताया कि शासन के निर्देश पर जिले से 30 डॉक्टरों को कुंभ ड्यूटी में हरिद्वार भेजा गया है। कंडीसौड़ अस्पताल में व्यवस्था पर एक डॉक्टर तैनात किया गया है। बीते दिन डॉक्टर ने वहां एक गर्भवती महिला का प्रसव भी कराया।