खांडखाला स्थित टीएचडीसी का मैकेनिकल स्टोर सील करने पर टीएचडीसी और जिला प्रशासन आमने-सामने आ गया है। टीएचडीसी ने खांडखाला तोक में बने टीन शेड को परियोजना के होने का दावा किया है।
खांडखाला में टीएचडीसी के मैकेनिकल स्टोर को डीएम ज्योति नीरज खैरवाल के निर्देश पर एसडीएम बृजेश तिवारी ने तीन अप्रैल को सील कर दिया था। एसडीएम ने कहना था कि यह भूमि सरकारी है, जिस पर टीएचडीसी ने अवैध अतिक्रमण कर स्टोर बनाए हैं।
मामले में मंगलवार को टीएचडीसी के अपर महाप्रबंधक कार्मिक एवं प्रशासन सी मिंज ने जारी विज्ञप्ति में साफ किया कि जिला प्रशासन ने बिना कागजों की पड़ताल के खांडखाला में मैकेनिकल टीन शेडों को सील किया है।
उन्होंने कहा है कि टिहरी और उत्तरकाशी के 88 गांवों की 2311.40 हेक्टेयर सिविल सोयम और 271.50 हेक्टेयर आरक्षित वन भूमि के हस्तांतरण का प्रस्ताव वन एवं पर्यावरण मंत्रालय भारत सरकार को भेजा गया था, जिसके क्रम में चार जून 1987 को सचिव वन मंत्रालय तयूपी ने इसकी स्वीकृति दे दी थी।
इसमें टिहरी के खांड गांव की 121.111 एकड़ भूमि भी शामिल है। कहा कि यूपी सरकार के 29 फरवरी 1996 के जीओ में सिंचाई विभाग की टिहरी बांध परियोजना के नाम राजस्व अभिलेखों में अंकित भूमि को टीएचीडीसी बीपुरम के नाम हस्तांतरित करने के आदेश दिए थे।
खांडखाला तोक में बने दो टीन शेड टिहरी बांध परियोजना के हैं, जो अस्थाई हैं और इन पर बांध के भूमिगत पावर हाउस के संचालन एवं रख-रखाव, निर्माण, जरूरी उपकरण सामग्री रहती है।
यदि खांडखाला में टीएचडीसी के पास भूमि स्वीकृति की अनुमति है, तो वह पत्रावली प्रस्तुत करे। पत्रावलियों की जांच के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
-ज्योति नीरज खैरवाल, डीएम टिहरी