सरकार खेलों का आयोजन कर युवाओं को खेलने के लिए प्रेरित करने का डंका पीट रही है, लेकिन सात करोड़ खर्च करने के बाद भी सरकार टिहरी जिला मुख्यालय बौराड़ी में स्थित एकमात्र मैदान को भी खेलने के लायक नहीं बना पाई है। निकासी की व्यवस्था नहीं होने से बौराड़ी स्टेडियम पानी से लबालब भरा हुआ है।
मास्टर प्लान से बनाए गए नई टिहरी शहर में खेल मैदान का अभाव वर्षों बाद भी दूर नहीं हो पाया है। बौराड़ी में बनाया गया खेल मैदान मानकों के अनुरूप नहीं होने से वर्ष 2015-16 के दौरान सुधारीकरण शुरू किया गया था। स्टेडियम के विस्तारीकरण और सुधारीकरण पर सात करोड़ खर्च होने के बाद भी मैदान बदहाल बना है।
इन दिनों स्टेडियम बारिश के पानी से भरा है। टिहरी बेसबाल फेडरेशन के अध्यक्ष कमलनयन रतूड़ी का कहना है कि जब तक स्टेडियम में पानी निकासी की व्यवस्था नहीं हो जाती है, तब तक वहां खेल प्रतियोगिताएं करना संभव नहीं है। आठ जुलाई को खेल मंत्री रेखा आर्य ने बौराड़ी स्टेडियम का निरीक्षण कर बदहाली पर चिंता व्यक्त की। गंभीर विषय है कि स्टेडियम पर करोड़ों खर्च होने के बाद भी जल निकासी के लिए व्यवस्था नहीं की गई। जिला प्रशासन के अधिकारियों को प्रस्ताव उपलब्ध कराने को कहा।
बौराड़ी स्टेडियम में पानी निकासी के लिए ड्रेनेज सिस्टम का निर्माण किया जाना है, जिसके लिए शासन को पांच माह पूर्व दो करोड़ 68 लाख का प्रस्ताव भेजा गया है। बजट मिलने के बाद 50 मीटर नाली बनाई जाएगी।
- इरशाद हसन, सहायक अभियंता, पेयजल निगम निर्माण शाखा चंबा।
बौराड़ी स्टेडियम में कार्य पूरा नहीं होने के कारण युवा कल्याण विभाग ने हैंडओवर नहीं लिया है। पानी निकासी सहित सभी कार्य पूरा होने के बाद विभाग मैदान को हैंडओवर लेने की कार्रवाई शुरू करेगा।
-पंकज तिवाड़ी, जिला युवा कल्याण अधिकारी, टिहरी