सिद्धपीठ कुंजापुरी महोत्सव (मेले) की चौथी सांस्कृतिक संध्या में संगम सांस्कृतिक कला मंच देहरादून के कलाकारों ने पारंपरिक लोकगीत, जागर, नृत्य प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन किया।
मंगलवार रात सूबे के शहरी विकास मंत्री प्रीतम सिंह पंवार ने सांस्कृतिक संध्या का उद्घाटन किया। कहा कि मेले हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं, जिनका संरक्षण सामूहिक प्रयासों से ही संभव है। राजकीय महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। नंदा राजजात यात्रा पर आधारित लघु नाटिका से मंच के कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां शुरू की।
उन्होंने नरुला बिजू द्वि होला, बाजिरे मुरली, दिल मां चांदी कु बटण, ठंडू मठू चौमासू डांड्यूं मा सैरिगे, त्रिजुगी नारैण आदि लोक प्रस्तुतियां दी। टीम के निर्देशक हेमंत बडोला अमरजीत कौर, मिनी उनियाल, गीता उनियाल, रजनी नेगी, विकास, जीतू राणा, अंजू बिष्ट, संजीव, शालिनी आदि कलाकार शामिल थे।
इस मौके पर पालिकाध्यक्ष दुर्गा राणा, पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र राणा, पूर्व प्रमुख वीरेंद्र कंडारी, सुरेंद्र रावत, महेश गुसाईं, बिजेंद्र नेगी, सरिता जोशी, हर्षमणि भट्ट, आनंद रतूड़ी रविंद्र सकलानी आदि मौजूद थे।