डोबरा-चांठी पुल निर्माण करने वाले निर्माण खंड लोनिवि को बदरीनाथ स्थानांतरित करने के विरोध में डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ, विभागीय कर्मियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने डीएम कार्यालय के बाहर धरना दिया। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक डोबरा-चांठी पुल का निर्माण करने वाले डिविजन को प्रोत्साहित करने के बजाए सरकार ने उसे टिहरी से शिफ्ट कर कर्मियों के मनोबल को गिराया है। उन्होंने सरकार से कार्यालय यथावत रखने के लिए पुनर्विचार करने की मांग की।
डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ ने निर्माण खंड लोनिवि कार्यालय को बदरीनाथ स्थानांतरित करने पर रोष व्यक्त करते हुए धरना दिया। कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष/पूर्व विधायक विक्रम सिंह नेगी, प्रतापनगर के ब्लॉक प्रमुख प्रदीप चंद रमोला, जिला पंचायत सदस्य भरत बुटोला, सभासद शक्ति जोशी, पूर्व प्रधान नरेंद्र राणा, खुशी लाल ने भी कर्मियों की मांगों का समर्थन करते हुए धरना दिया। कहा कि टिहरी जिले के विधायकों की विफलता के कारण लोनिवि का डिविजन स्थानांतरित हुआ है, जबकि डोबरा-चांठी पुल पांच साल तक ट्रॉयल पर चल रहा है। इस दौरान पुल पर तकनीकी समस्या आएगी तो कौन ठीक करेगा। इसके लिए निर्माण खंड को वहां यथावत रखें। महासंघ के जिलाध्यक्ष निर्मल नेगी, शाखाध्यक्ष प्रमोद नेगी ने कहा कि सरकार ने उनके साथ छलावा किया है। पहले विभाग की पीआईयू यूनिट को शिफ्ट किए जाने की बात की जा रही थी, लेकिन अब आदेश में खंड को समाप्त कर लोनिवि प्रांतीय खंड में कार्मिकों को बैठने के निर्देश दिए हैं। कहा कि इस निर्णय का प्रदेश स्तर तक विरोध किया जाएगा। धरने पर श्याम लाल शाह, अनूप कुमार, बृजेश राणा, दिनेश डबराल, चंडी प्रसाद भट्ट, जयेंद्र बरवाण, प्रदीप कुमार, बीएस बसेड़ा, आशीष सजवाण, संदीप, संदीप सैनी, पंकज तिवारी, अनीषा सजवाण, देवेश सेमवाल और आशीष थपलियाल बैठे रहे।