भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की एक बैठक में टिहरी बांध के कारण प्रभावितों को हो रही समस्याओं का समाधान न होने पर रोष जताया गया। उन्होंने कहा कि पुनर्वास नीति में प्रभावित परिवारों को 15 रुपये प्रतिमाह बिजली देने का प्राविधान था, लेकिन भाजपा और कांग्रेस की सरकार नीति के अनुसार लोगों को सुविधाएं मुहैया नहीं करवा पाई है।
कामरेड चंद्रमोहन रांगड़ की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में वक्ताओं ने कहा कि टिहरी बांध के करण प्रतापनगर ही नहीं, बल्कि जिलेवासियों को परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। बताया कि डोबरा-चांठी पुल से लंबगांव जाने वाली सड़क खस्ताहाल है। लंबगांव से जिला मुख्यालय के लिए बस सेवा भी शुरू नहीं हो पाई है। कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीनेशन की सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं। ग्रामीण कई किमी पैदल चलकर वैक्सीन लगवाने को मजबूर है। उन्होंने समस्याओं का समाधान न होने पर बेमियादी आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी। इस मौके पर जिला सचिव जगमोहन रांगड़, राज्य कमेटी के सदस्य भगवान सिंह राणा, सुमेर सिंह रावत, देवेंद्र पोखरियाल और महिमा किशोर आदि मौजूद थे।