श्रीदेव सुमन विवि के छात्र-छात्राओं के लिए राहत भरी खबर है। विवि प्रशासन इसी शिक्षा सत्र (2021-22) से पहली बार प्री पीएचडी शुरू करने जा रहा है। 15 विषयों में प्री पीएचडी के लिए 70 सीटें निर्धारित की गई है। अब प्री पीएचडी का पाठ्यक्रम भी विवि ने तैयार कर लिया है। संबद्ध महाविद्यालयों में प्री पीएचडी कोर्स कराने के लिए अब विवि को योग्य शिक्षकों की तलाश है। अनुभवी गाइडों की पड़ताल करने के लिए विवि ने कमेटी का गठन भी कर लिया है। उत्तराखंड के स्थानीय विषयों पर विवि शोध कार्य कराएगा, ताकि स्थानीय जन समुदाय को शोध कार्यों का लाभ मिल सके। विवि से संबद्ध सिर्फ राजकीय महाविद्यालयों में ही प्री पीएचडी होगी।
पहली बार श्रीदेव सुमन विवि प्री पीएचडी कराने जा रहा है। प्री पीएचडी में दाखिले के लिए विवि प्रशासन ने पहले जुलाई माह में प्रवेश परीक्षा कराने की तैयारी की थी, लेकिन कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के कारण विवि की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई थी। शोध कार्यों को बढ़ावा देने के लिए विवि ने सेंट्रल हिमालयन एनवायरमेंट एसोसिएशन से 2019 में एमओयू भी कर लिया है, लेकिन विवि से संबद्ध महाविद्यालयों से सीटों और विषयों की संख्या रिपोर्ट मिलने में हुए विलंब के चलते विवि सीटों की संख्या का सही निर्धारण नहीं कर पाया था। विवि के कुलसचिव प्रो. मोहन सिंह पंवार ने बताया कि प्री पीएचडी कराने के लिए 15 विषयों में 70 सीटें निर्धारित कर ली गई हैं। इसी सत्र में जनवरी अंत या फरवरी प्रथम सप्ताह मेें प्री पीएचडी शुरू होगी। कॉमन एंट्रेस टेस्ट के लिए पाठ्यक्रम तैयार कर लिया गया है। पहले चरण में सिर्फ राजकीय महाविद्यालयों में प्री पीएचडी होगी। कहा कि शोध कार्यों का लाभ स्थानीय सुमदाय को मिले इसलिए विवि सभी विषयों में स्थानीय मुद्दों पर ही शोध कराने पर विशेष फोकस करेगा। बताया कि प्री पीएचडी प्रवेश परीक्षा के लिए प्रक्रिया जल्द शुरू कर दी जाएगी।
इन विषयों में होगी प्री पीएचडी
हिंदी, संस्कृत, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, राजनीतिशास्त्र, शिक्षाशास्त्र, सैन्य विज्ञान, कामॅर्स, रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, जंतु विज्ञान, भू-गर्भविज्ञान, गणित, भूगोल